90 के दशक का खौफनाक नाम: इंस्पेक्टर ‘लोहा सिंह’!

90 के दशक में प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) समेत आसपास के जनपदों में एक नाम ऐसा था, जिसे सुनकर अपराधियों के हौसले पस्त हो जाते थे—इंस्पेक्टर विंध्याचल उर्फ़ ‘लोहा सिंह’।
करीब 6 फीट की लंबी कद-काठी, रौबदार मूँछें, कड़क आवाज़ और बुलंद व्यक्तित्व… जिस इलाके में उनकी बुलेट की गड़गड़ाहट सुनाई देती थी, वहां मनचलों और अपराधियों के कदम ठिठक जाते थे। उनका अधिकांश कार्यकाल इलाहाबाद, कानपुर और अन्य जनपदों में बीता, जहां उन्होंने अपनी सख्त कार्यशैली से अलग पहचान बनाई।
गाजीपुर के कुर्था गांव के रहने वाले विंध्याचल उर्फ़ लोहा सिंह अब उम्र के उस पड़ाव पर हैं, जहां उनका अधिकांश समय पूजा-पाठ में बीतता हैं। वक्त के साथ सब बदल जाता है, लेकिन उनके नाम का रौब आज भी लोगों की यादों में ज़िंदा है। लोहा सिंह की यह तस्वीर कई साल पुरानी है।
आप में से कौन कौन इनसे मिला है ?

