छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करे विश्वविद्यालय प्रशासन: ABVP

*विभिन्न विषयों की सीटों में कटौती एवं विषयों में लगातार शुल्क वृद्धि, छात्रावास शुल्क वृद्धि, परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था का अभाव, पुस्तकालय के सुचारू संचालन एवं आवश्यक पुस्तकों की उपलब्धता न होना दुर्भाग्यपूर्ण: ABVP*
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए उनके समयबद्ध एवं स्थायी समाधान की मांग की है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अभाविप ने कहा कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विषयों में सीटों में लगातार कटौती किया जाना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। इसके साथ ही विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं विषयों में लगातार शुल्क वृद्धि से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को शुल्क वृद्धि के निर्णयों पर पुनर्विचार करते हुए छात्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
विद्यार्थी परिषद ने छात्रावास शुल्क में वृद्धि पर भी चिंता व्यक्त की। छात्रावास विद्यार्थियों, विशेषकर दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार है।
पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को परिसर के सभी प्रमुख स्थानों पर नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। नियमित कक्षाएं संचालित किये जाए एवं परीक्षा के पूर्व कोर्स पूर्ण किए जाए यह भी सुनिश्चित हो।
इसी प्रकार विश्वविद्यालय पुस्तकालय के सुचारू संचालन एवं आवश्यक पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए अभाविप ने कहा कि पुस्तकालय विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई एवं शोध के लिए आवश्यक पुस्तकों और अध्ययन संसाधनों के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए पुस्तकालय में पर्याप्त एवं नवीन पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद सदस्य श्री आलोक त्रिपाठी ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सीटों में कटौती, लगातार शुल्क वृद्धि, छात्रावास शुल्क बढ़ोतरी, पेयजल एवं पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव, नियमित कक्षाओं का संचालन न होना तथा शोधार्थियों की फेलोशिप में देरी जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान होना चाहिए। विद्यार्थियों की समस्याओं को लोकतांत्रिक रूप से उठाने के लिए छात्रसंघ की बहाली भी आवश्यक है। विश्वविद्यालय प्रशासन इन विषयों पर समयबद्ध एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करे।
इकाई अध्यक्ष श्री हिमांशु पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रहित से जुड़े अनेक विषय लंबे समय से लंबित हैं। सीटों में कटौती, शुल्क एवं छात्रावास शुल्क वृद्धि, पेयजल, पुस्तकालय, कैंटीन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, छात्रावास एवं चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं करता है, तो अभाविप विद्यार्थियों के हित में व्यापक छात्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
काशी प्रांत सोशल मीडिया सह संयोजक सुश्री समृद्धि प्रिया पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए पर्याप्त एवं स्वच्छ शौचालय, विशेष रूप से पिंक टॉयलेट और छात्रा कॉमन रूम जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। महिला छात्रावासों की स्थिति भी चिंताजनक है तथा महिला स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त दवाएं एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए इन समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए।

