मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में मंडलीय समीक्षा बैठक संपन्न। जुलाई माह की विकास एवं राजस्व रैंकिंग की समीक्षा करते हुए खराब प्रदर्शन वाले बिंदुओं में तत्काल सुधार के निर्देश
– मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में मंडलीय समीक्षा बैठक संपन्न। जुलाई माह की विकास एवं राजस्व रैंकिंग की समीक्षा करते हुए खराब प्रदर्शन वाले बिंदुओं में तत्काल सुधार के निर्देश।
मातृ मृत्यु पर नाराजगी- प्रयागराज में संस्थागत प्रसव के दौरान 25 मातृ मृत्यु पर मंडलायुक्त नाराज, प्रत्येक मामले में कारणों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश
कुपोषण पर सख्ती- कौशाम्बी में 3 माह पूर्व चिन्हित 51 गंभीर तीव्र कुपोषित (एसएएम) बच्चों में केवल 2 बच्चे मध्यम तीव्र कुपोषित (एमएएम) श्रेणी में पहुंचे, मंडलायुक्त ने मांगा परिवार एवं स्वास्थ्य स्थिति का सत्यापन
– जल जीवन मिशन में चारों जनपदों की डी श्रेणी पर कड़ी नाराजगी; परियोजनाओं का मानचित्र तैयार कर अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश।
– स्वयं सहायता समूहों एवं निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता, व्यय और समय-सीमा की सघन समीक्षा; खराब एवं लंबित परियोजनाओं के स्थलीय निरीक्षण के निर्देश।
– गौशालाओं में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता एवं जल निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा गोबर से बायोगैस प्लांट विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश।

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में आज मंडलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई जिसमें चारों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों सहित मंडलीय एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में जुलाई माह की विकास एवं राजस्व संबंधी जनपदवार रैंकिंग की समीक्षा की गई। विकास कार्यों में प्रयागराज 23वीं, फतेहपुर 27वीं, कौशाम्बी 9वीं तथा प्रतापगढ़ 38वीं रैंक पर रहे, जबकि राजस्व कार्यों में प्रयागराज 77वीं, फतेहपुर 64वीं, कौशाम्बी 52वीं तथा प्रतापगढ़ 72वीं रैंक पर रहे। मंडलायुक्त ने सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन वाले बिंदुओं की विभागवार समीक्षा करते हुए उन क्षेत्रों को चिन्हित कर तत्काल सुधार के निर्देश दिए, जिनमें सुधार से जनपद एवं मंडल की समग्र रैंकिंग बेहतर हो सकती है।
जल जीवन मिशन में चारों जनपदों की डी श्रेणी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों से कारणों की जानकारी ली तथा सरफेस वाटर, गंगा-यमुना से इंटेक, ओवरहेड टैंक, फिल्ट्रेशन, ट्रीटमेंट एवं घर-घर जलापूर्ति से संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। जल निगम के अधिशासी अभियंता को मंडल के मानचित्र पर सभी परियोजनाओं का स्थान, प्रगति एवं संबंधित विवरण प्रदर्शित करते हुए विस्तृत मानचित्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की समीक्षा में प्रतापगढ़ की स्थिति खराब पाए जाने पर मंडलायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की सक्रियता एवं उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी सीडीओ को प्रत्येक जनपद में एक उत्कृष्ट एवं एक कमजोर स्वयं सहायता समूह को बुलाकर उत्कृष्ट समूह को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित करने तथा कमजोर समूह की समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एक सप्ताह में आख्या प्रस्तुत करने, लंबित समूहों का शीघ्र गठन कराने तथा नवाचार आधारित कार्य करने वाले समूहों को मिशन से जोड़ने को कहा।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कार्यों की गुणवत्ता, लक्ष्य के सापेक्ष कम व्यय तथा परियोजनावार लंबित कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया। मंडलायुक्त ने प्रत्येक परियोजना में उपलब्ध धनराशि, व्यय एवं अवशेष राशि का विवरण लेते हुए समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के लक्ष्य से पीछे चल रहे एवं अपूर्ण कार्यों की अद्यतन स्थिति तथा पूर्व में जारी नोटिसों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। उप निदेशक, सांख्यिकी (DDST) को प्रयागराज के सभी अपूर्ण सिविल कार्यों की सूची प्रस्तुत करने तथा फतेहपुर में खराब प्रदर्शन करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को कड़े पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने अगले 15 दिनों में सिंचाई एवं यूपी सिडको के कार्यों का स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए। प्रयागराज में जल निगम के कार्यों का भी वे स्वयं निरीक्षण करेंगे तथा अन्य कार्यों का निरीक्षण जेडीसी तथा सीडीओ प्रयागराज करेंगी। मंडलायुक्त, जेडीसी एवं संबंधित सीडीओ संयुक्त रूप से गुणवत्ता अथवा समय-सीमा के मामले में सबसे पीछे चल रही तीन-तीन परियोजनाओं का भी स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण अभियान की समीक्षा में गंभीर तीव्र कुपोषित (SAM) एवं मध्यम तीव्र कुपोषित (MAM) बच्चों की स्थिति में अपेक्षित सुधार न पाए जाने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। कौशाम्बी में तीन माह पूर्व चिन्हित 0-6 वर्ष आयु वर्ग के 51 SAM बच्चों में केवल दो बच्चों के MAM श्रेणी में परिवर्तित होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। सभी 51 बच्चों की पारिवारिक पृष्ठभूमि, स्वास्थ्य स्थिति एवं वर्तमान स्थिति की चेकलिस्ट तैयार कर प्रस्तुत करने तथा इनमें से 10 बच्चों का रैंडम सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक जनपद में 10-10 बच्चों का चिन्हांकन कर चेकलिस्ट के आधार पर रैंडम जांच करते हुए 10 दिन में आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया।
फैमिली आईडी के संबंध में सभी सीडीओ को बीडीओ के माध्यम से घर-घर सर्वे कर पात्र परिवारों की पहचान करने तथा पात्र परिवारों की फैमिली आईडी बनवाने के निर्देश दिए गए। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की आवासीय योजनाओं के अंतर्गत अत्यंत गरीब एवं कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों का चिन्हांकन कर सूची तैयार करने तथा प्रत्येक जनपद के दो गांवों में एक सप्ताह के भीतर कच्चे मकानों की सूची प्रस्तुत करने को कहा गया। इसके साथ ही गूगल मैप के माध्यम से मनरेगा के लिए उपलब्ध भूमि, तालाब एवं अन्य संभावित कार्यों का भी आकलन करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रत्येक जनपद में एक सीएचसी, एक पीएचसी एवं एक सब-सेंटर को एनक्वास (NQAS) स्तर पर विकसित करने के निर्देश दिए गए। सीएमओ को सीडीओ के साथ समन्वय स्थापित कर संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को मॉडल सीएचसी की चेकलिस्ट के अनुसार कार्य कराने को कहा गया। प्रयागराज के होलागढ़ सीएचसी को मॉडल एनक्वास स्तर की सीएचसी के रूप में विकसित करने के लिए सीएमओ, संयुक्त मजिस्ट्रेट जसरा एवं संबंधित एमओआईसी की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए।
संस्थागत प्रसव की समीक्षा में फतेहपुर में लगभग 54 प्रतिशत, कौशाम्बी में 74 प्रतिशत, प्रतापगढ़ में 62 प्रतिशत तथा प्रयागराज में लगभग 92 प्रतिशत संस्थागत प्रसव दर्ज पाए गए। शेष प्रसवों की जानकारी उपलब्ध न होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए आशाओं के प्रशिक्षण एवं प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए। फतेहपुर में लगभग 45 प्रतिशत प्रसवों की जानकारी उपलब्ध न होने को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को स्थिति में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अनधिकृत अथवा निम्न स्तर के नर्सिंग होम एवं क्वैक्स द्वारा प्रसव कराए जाने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए ऐसे संस्थानों को बंद कराया जाए। अन्य जनपदों में प्रसव कराने के कारण आंकड़ों में उत्पन्न अंतर की केस स्टडी तैयार करने के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट जसरा को सभी सीडीओ के साथ समन्वय कर गर्भधारण एवं प्रसव के स्थानों का विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए।
मातृ मृत्यु निगरानी एवं प्रत्युत्तर (Maternal Death Surveillance and Response) की समीक्षा के दौरान प्रयागराज में स्वास्थ्य संस्थानों में 25 मातृ मृत्यु पाए जाने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सीडीओ प्रयागराज को प्रत्येक मृत्यु का विवरण संकलित कर कारणों का विश्लेषण करने तथा सुधारात्मक कार्रवाई सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आशा, आंगनबाड़ी अथवा अन्य संबंधित कर्मी की लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने सभी गौशालाओं में स्वच्छता, जल निकासी, प्रकाश, शेल्टर, वर्षा से बचाव, चिकित्सा कक्ष, बछड़ों के लिए पृथक कक्ष तथा सड़क से आने वाले गोवंश के लिए पृथक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रों में बीडीओ द्वारा नियमित निरीक्षण कराने तथा गोबर के कारण नालियों के अवरुद्ध होने की स्थिति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। गौशालाओं में गोबर के उपयोग से बायोगैस प्लांट विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए। मंडलायुक्त शीघ्र ही दो गौशालाओं का रैंडम निरीक्षण करेंगे।
बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी, कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने तथा खराब प्रदर्शन वाले बिंदुओं पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

