September 25, 2026

पीसीएस-2025 भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण एवं मेरिट के विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई

0

पीसीएस-2025 भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण एवं मेरिट के विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई

प्रयागराज, 25 सितंबर 2026। इलाहाबाद हाईकोर्ट में पीसीएस-2025 की भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण व्यवस्था, अनारक्षित श्रेणी में मेधावी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के समायोजन तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के 09 जनवरी 2020 के कार्यालय ज्ञापन को लेकर दाखिल याचिका पर आज सुनवाई हुई।

माननीय न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की पीठ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को पीसीएस-2025 के साक्षात्कार आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी है। आयोग सोमवार, 28 सितंबर 2026 से साक्षात्कार प्रारंभ कर सकेगा। हालांकि, माननीय न्यायालय द्वारा मौखिक रूप से आयोग को अंतिम परिणाम प्रकाशित न करने का निर्देश दिया गया है।

मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल ने पक्ष रखा। वहीं, उत्तरदाताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष गोयल एवं डॉ. अवनीश त्रिपाठी उपस्थित हुए।

याचिकाकर्ताओं की ओर से मुख्य रूप से यह प्रश्न उठाया गया है कि आरक्षित वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने बिना किसी छूट या रियायत के अनारक्षित कटऑफ के बराबर अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के चरणों में अनारक्षित/खुली प्रतियोगिता से बाहर किया जा सकता है या नहीं।

याचिकाकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 की धारा 3(6), 09 जनवरी 2020 के कार्यालय ज्ञापन तथा पीसीएस-2025 के विज्ञापन की संबंधित शर्तों के बीच कथित असंगति का मुद्दा उठाया है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि खुली/अनारक्षित श्रेणी सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए मेरिट आधारित प्रतियोगिता का क्षेत्र है तथा मेधावी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को केवल उनकी श्रेणी के आधार पर इससे अलग करना समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांत से संबंधित प्रश्न उत्पन्न करता है।

मामला अब सोमवार, 28 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे सूचीबद्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *