विश्व विरासत दिवस पर इलाहाबाद संग्रहालय में बहुआयामी आयोजन, सांस्कृतिक चेतना और विरासत संरक्षण का सशक्त संदेश
विश्व विरासत दिवस पर इलाहाबाद संग्रहालय में बहुआयामी आयोजन, सांस्कृतिक चेतना और विरासत संरक्षण का सशक्त संदेश

विश्व विरासत दिवस के अवसर पर इलाहाबाद संग्रहालय में आज विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें विरासत यात्रा, महाविद्यालयीय शैक्षणिक भ्रमण तथा विशिष्ट अतिथियों का आगमन प्रमुख रूप से शामिल रहा। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों और संस्कृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इसी क्रम में संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में इंटैक प्रयागराज चैप्टर, सहपीडिया तथा ‘धारा व धरोहर’ के सहयोग से ऐतिहासिक चंद्रशेखर आजाद पार्क में एक विशेष विरासत यात्रा आयोजित की गई, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को प्रयागराज की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं स्थापत्य विरासत से अवगत कराया गया।
विरासत यात्रा के अंतर्गत प्रतिभागियों ने विक्टोरिया मेमोरियल, बैंड स्टैंड, पब्लिक लाइब्रेरी तथा संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया। साथ ही, संग्रहालय में उपस्थित अतिथियों को पुरातात्त्विक एवं मूर्तिकला संग्रह सहित आजाद गैलरी के अनेक महत्वपूर्ण और दुर्लभ प्रदर्शनों से अवगत कराया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और आमजन को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, उनमें विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा ऐतिहासिक धरोहरों के महत्व को समझाना है।
इसी क्रम में ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के 45 छात्र-छात्राओं ने प्रोफेसर जमील अहमद के नेतृत्व में संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। इसके उपरांत संग्रहालय की सहायक रसायनज्ञ श्रीमती श्वेता सिंह ने रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रस्तर शिल्प कलाकृतियों के संरक्षण की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को संरक्षण विज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उत्तरदायित्व की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई।
संग्रहालय द्वारा हाल ही में प्रारंभ की गई कैरिकेचर गतिविधि ने भी आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जिसका सभी ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया। इस अवसर पर पूर्व वायु उपमार्शल श्री अमिताभ राजा शिन्दे ने सपरिवार संग्रहालय का भ्रमण किया तथा अपना कैरिकेचर बनवाया। उन्होंने संग्रहालय की निदेशक एवं मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल द्वारा कला के विविध आयामों को प्रोत्साहित करने और संग्रहालय को दर्शकों की अभिरुचि के अनुरूप विकसित करने के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं बुद्धिजीवियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। सभी प्रतिभागियों ने ऐसे आयोजनों को समाज में सांस्कृतिक जागरूकता के विस्तार का प्रभावी माध्यम बताया। इस अवसर पर डॉ. उर्मी नियोगी, श्लोक रंजन, अलीशा फिलिप्स, अंश मिश्रा, कुहुक कुमार, अनुपम कुमार, राहुल त्रिपाठी तथा सारांश श्रीवास्तव सहित कई विशिष्टजन उपस्थित रहे।
विश्व विरासत दिवस केवल अतीत की स्मृतियों का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प है। यह दिवस हमें अपनी विरासत के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराता है और भावी पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखने की प्रेरणा देता है। इसी भावना के अनुरूप इलाहाबाद संग्रहालय प्रत्येक वर्ष इस अवसर पर नवाचारपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। संग्रहालय की यह सतत प्रतिबद्धता उसे एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करती है, जो समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और गौरव की भावना को निरंतर सुदृढ़ करते हुए इस दिवस को हर वर्ष और अधिक व्यापक, प्रभावी एवं प्रेरणादायी स्वरूप में मनाने का प्रयास करता है।

