19वें दिन समाप्त हुआ छात्रों का आमरण अनशन, योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद अनशनकारियों ने तोड़ा अनशन

प्रयागराज, 23 सितंबर। टीजीटी-पीजीटी की पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर दिए जाने की मांग को लेकर 5 सितंबर से चल रहे प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन में आज महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। आमरण अनशन के 19वें दिन अनशनकारियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
छात्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मिले आश्वासन के बाद अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। हालांकि प्रशासन की ओर से कल रात से ही अनशनकारियों से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया जा रहा था। प्रशासन चाहता था कि अनशनकारी जिलाधिकारी महोदय के हाथों अपना अनशन समाप्त करें, लेकिन छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे अपना अनशन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडे जी के हाथों ही समाप्त करेंगे।
छात्रों का कहना था कि आशुतोष पांडे ने लगातार उनकी मांग को उठाया, आंदोलन का नेतृत्व किया और छात्रों की बात शासन स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया। आखिरकार आज प्रशासन ने आशुतोष पांडे को शिक्षा निदेशालय के अंदर बुलाया, जहां उनके हाथों अनशनकारियों का अनशन समाप्त कराया गया।
अनशन समाप्त कराने के बाद आशुतोष पांडे जी ने कहा कि यह लड़ाई अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। यह संघर्ष की दिशा में केवल एक पड़ाव है। उन्होंने कहा कि आंदोलन की वास्तविक सफलता उस दिन मानी जाएगी, जब शासन की ओर से आधिकारिक नोटिस/आदेश जारी होगा और टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों को पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर देने की मांग को स्वीकार कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने लंबे समय तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया है और आगे भी आवश्यकता पड़ने पर अपनी मांग के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन का भी धन्यवाद किया और कहा कि प्रशासन ने छात्रों की बात को ऊपर तक पहुंचाने में सहयोग किया।
छात्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से मिले आश्वासन से उन्हें उम्मीद जगी है और अब वे शासन की ओर से औपचारिक आदेश जारी होने की प्रतीक्षा करेंगे। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर लिखित निर्णय नहीं आता, तब तक इस विषय को पूरी तरह समाप्त नहीं माना जाएगा।
प्रतियोगी छात्रों ने स्पष्ट किया कि 19 दिनों का यह संघर्ष केवल अनशन समाप्त होने के साथ खत्म नहीं हुआ है; अंतिम लक्ष्य टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों को पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर दिलाना है।

