प्रयागराज उमेश पाल की पत्नी बोलीं-मैं ब्राह्मण, मंदिर में शादी हुई: पूजा पाल की जाति नहीं जानती

प्रयागराज की जिला कोर्ट में बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में उनकी पत्नी जया पाल की गवाही हुई। माफिया अतीक अहमद के आरोपी बहनोई एखलाक अहमद के वकील ताराचंद्र गुप्ता ने जया पाल से पूछा- आपकी और उमेश पाल की शादी कैसे हुई? मर्जी से हुई या किसी और ने कराई? क्या इसका कोई रिकॉर्ड है?
इस पर जया पाल ने कहा- मैं ब्राह्मण समाज से हूं। मेरी शादी उमेश पाल से 19 जनवरी 2005 को हुई थी। उस वक्त मैं बालिग थी, इसलिए शादी मेरी मर्जी से हुई थी। ससुराल वाले घर के पास स्थित मंदिर में सात फेरे लिए गए थे और पुजारी ने रस्में कराई थीं। इसलिए शादी की कोई लिखित रिकॉर्डिंग नहीं हुई थी। जया पाल ने कहा कि उन्हें मंदिर का नाम भी नहीं पता।
वकील ने पूछा- क्या पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड में उमेश पाल ने खुद को प्रत्यक्षदर्शी बताया था? राजू पाल की पत्नी पूजा पाल किस जाति की हैं? क्या पूजा पाल और उमेश पाल के बीच कभी मारपीट हुई थी?
इन सवालों के जवाब में जया पाल ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि, धूमनगंज थाना क्षेत्र में उमेश पाल और पूजा पाल के बीच किसी मारपीट की जानकारी उन्हें नहीं है।
दरअसल, 8 सितंबर से कोर्ट में उमेश पाल हत्याकांड की सुनवाई चल रही है। विशेष न्यायाधीश SC/ST एक्ट कोर्ट में शुरुआती दो दिनों में जया पाल के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद मामले में बहस शुरू हुई।
प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की दिनदहाड़े गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल वर्ष 2005 में हुए बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह थे। हत्या का आरोप और पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, बेटे असद और उनके गुर्गों पर लगा था।
जया पाल बोलीं- पूजा और उमेश में रिश्तेदारी के बारे में नहीं पता
जया पाल ने कोर्ट में बताया कि प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में गड़रिया समाज के लोग अपना सरनेम ‘पाल’ लिखते हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में उनकी शादी के दौरान उमेश पाल के दोस्त और जान-पहचान के लोग मौजूद थे। हालांकि, कौन-कौन और कितने लोग मौजूद थे, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
उन्होंने बताया कि विधायक राजू पाल, जिनकी हत्या हुई थी, वह भी गड़रिया समाज से थे। उनकी पत्नी का नाम पूजा पाल है। पूजा पाल और उमेश पाल के बीच कोई रिश्तेदारी थी या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
जया पाल ने बताया कि उन्हें जानकारी है कि राजू पाल हत्याकांड की FIR में उमेश पाल गवाह थे। हालांकि, उमेश पाल की गवाही किस साल हुई थी, यह उन्हें पता नहीं है।
जया पाल ने कोर्ट में कहा कि राजू पाल हत्याकांड के संबंध में कोर्ट से CBI जांच के लिए कोई आदेश हुआ था या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने बताया कि राजू पाल हत्याकांड में उमेश पाल की गवाही के दौरान प्रदेश में सपा की सरकार थी।
जया पाल ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी है कि अतीक अहमद पांच बार शहर पश्चिमी से विधायक चुने गए थे और इलाहाबाद से सांसद भी रहे थे।

