दधिकांदो मेला की कुछ विशेष बातें
प्रयागराज दशहरा शुरू होने से पहले प्रयागराज मे दधिकांदो के मेले लगने शुरू हो चुके है ।
वही आज प्रयागराज के सलोरी क्षेत्र मे दधिकांदो का मेला लगा ऐसे में मानक से अधिक बड़े-बड़े झूले मेले की शान होते हैं जबकि इस मेले की अनुमति नहीं ली जाती है बड़े-बड़े झूले लोगों की जान का खतरा बने रहते हैं अनुमति के नाम पर मनोरंजन कर अधिकारी मोटी रकम लेकर मानक से विपरीत बड़े झूलो को लगवाते हैं वहीं एक संवाददाता से बात करने में झूला मालिक द्वारा बताया गया कि मनोरंजन कर एक बहाना है हम लोग अपना कागज मनोरंजन विभाग में जमा करते हैं वहां से कागज संबंधित थाने को चला जाता है जहां थाना अध्यक्ष को एक मोटी रकम देकर रिपोर्ट लगवा लिया जाता है वही रिपोर्ट मनोरंजन विभाग के ऑफिस में आती है जहां पर मनोरंजन विभाग के अधिकारी को इसको परमिशन करने के लिए ₹20000 के लगभग खर्च दिया जाता है सुलेम सराय के मेले में किसी भी बड़े झूले वालों के पास परमिशन झूला लगाने की नही हुई है आपको बता दें कि अक्सर करके बड़े झूले चलते-चलते गिर पड़ते हैं जिस कारण कई शहरों में ऐसा देखा गया है कि झूला चलते दरमियां झूला गिरने से लोगों की जान चली जाती है मनोरंजन कर विभाग को पैसा देकर चलाया जाता है जबकि गाइडलाइन है कि पुलिस प्रशासन एरिया के हिसाब से रिपोर्ट लगती है जो मिला कमेटी से संबंधित लोग हैं उस जगह का उनको कागज देते हैं फिर फायर ब्रिगेड को सूचित करते हैं फायर पॉइंट लगाने के लिए उनके गाइड लाइन के अनुसार बिजली विभाग को सूचित किया जाता है किसी भी प्रकार बिजली से कोई अनहोनी ना हो सारे जगह की रिपोर्ट के बाद खेल जीएसटी से खेला जाता है जो की प्रत्येक झूले की कमाई पूरी रात की 15 से 20 लख रुपए आती है लेकिन झूला मलिक जीएसटी टैक्स बचाकर मनोरंजन कर विभाग के अधिकारियों को पैसा पहुंचा देता है जिस कारण झूले वालों का मनोबल बड़ा रहता है सुलेम सराय मेले में हनुमान वाटिका से लेकर आबकारी विभाग भंडार तक कई बड़े-बड़े झूले लगाए गए हैं जो की सुरक्षा की दृष्टि से गलत है इन झूलों को झूला मालिकों को संबंधित थाने की पुलिस द्वारा बढ़ावा दिया जाता है जीएसटी चोरी करने में माहिर झूला मलिक प्रत्येक झूले पर 25 बोगी लगी होती है जिसमें प्रति व्यक्ति ₹100 टिकट लिया जाता है जो घड़ी देखकर 2 मिनट चलता है एक राउंड में 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है जो शाम को 7:00 से सुबह 5:00 तक चलता है इस हिसाब से पूरी रात का आंकड़ा अगर लगे तो कई लाख पार हो जाता है फिर भी झूला मलिक जीएसटी की चोरी करके मनोरंजन कर अधिकारी को पैसा पहुंचते हैं जिससे वह आज तक बच्चते चले आ रहे हैं।

