गंगा एक्सप्रेसवे पर संदिग्ध परिस्थितियों में वाहन पलटा, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज बाल-बाल बचे
गंगा एक्सप्रेसवे पर संदिग्ध परिस्थितियों में वाहन पलटा, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज बाल-बाल बचे

प्रयागराज, 12 अगस्त 2026। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट, मथुरा के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, प्रबंधक ठाकुर सुधांशु सोम एवं उनके सुरक्षा कर्मी के साथ गंगा एक्सप्रेसवे पर गंभीर घटना सामने आई। 10 एवं 11 अगस्त की मध्यरात्रि में प्रयागराज से लगभग 25 किलोमीटर पहले वाहन का पीछा किए जाने की आशंका के बीच कुछ युवकों द्वारा सड़क के दूसरे किनारे से गौ माता को भगाया जा रहा था। गौ माता को बचाने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।
वाहन में आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, ठाकुर सुधांशु सोम एवं सुरक्षा कर्मी सवार थे। दुर्घटना में तीनों की जान बाल-बाल बची तथा तीनों को हल्की चोटें आईं।
घटना के बाद लगभग दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जबकि एम्बुलेंस मौके पर पहुंचकर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद तीनों को उपचार के लिए प्रयागराज के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।
गंभीर दुर्घटना के बावजूद आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपनी न्यायालयीन जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी और माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से (In Person) बहस की। इसी दौरान जिला न्यायालय, प्रयागराज में भी उनसे संबंधित सिविल वाद की सुनवाई निर्धारित थी, जिसमें न्यायालयीन कार्यवाही हुई।
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज स्वयंभू तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से संबंधित मुकदमों में वादी/पैरोकार हैं तथा उनके विरुद्ध लंबित मामलों में लगातार व्यक्तिगत रूप से पैरवी कर रहे हैं। इसी कारण उनका प्रयागराज आना-जाना लगातार बना रहता है।
दुर्घटना की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल
ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि घटना की परिस्थितियां सामान्य सड़क दुर्घटना जैसी प्रतीत नहीं हो रही हैं। वाहन का पीछा किए जाने की आशंका, सड़क के दूसरे किनारे से गौ माता को भगाए जाने की स्थिति तथा उसी दौरान वाहन को बचाने के प्रयास में दुर्घटना होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
ट्रस्ट ने आरोप लगाया है कि इस पूरी घटना के पीछे किसी सुनियोजित प्रयास की भूमिका हो सकती है तथा किसी प्रभावशाली व्यक्ति अथवा बड़े अधिकारी के संरक्षण या संलिप्तता की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि वास्तविक तथ्य निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएंगे।
ट्रस्ट ने मांग की है कि गंगा एक्सप्रेसवे के संबंधित सीसीटीवी कैमरों, टोल अभिलेखों, आसपास उपलब्ध कैमरों, घटनास्थल के प्रत्यक्षदर्शियों तथा वाहन के मार्ग से संबंधित उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की तत्काल जांच कराई जाए। यह भी जांच हो कि दुर्घटना से पूर्व वाहन का पीछा किस वाहन अथवा व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा था और सड़क के दूसरे किनारे मौजूद युवकों की भूमिका क्या थी।
“शिकायत करने से क्या लाभ, प्रयागराज में हमारी शिकायतों पर संज्ञान नहीं मिलता” — आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि उन्होंने घटना के संबंध में तत्काल कोई शिकायत नहीं की, क्योंकि प्रयागराज में पूर्व के अनुभव के आधार पर उन्हें लगता है कि उनकी शिकायतों का पुलिस अधिकारियों द्वारा गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन मामलों के कारण उनका प्रयागराज आना-जाना लगातार बना हुआ है और उनकी सुरक्षा का विषय पहले से ही गंभीर है।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना में जान बचने के बाद भी उन्होंने अपनी न्यायालयीन जिम्मेदारी से पीछे हटना उचित नहीं समझा और चोट के बावजूद माननीय उच्च न्यायालय में उपस्थित होकर व्यक्तिगत रूप से बहस की।
ट्रस्ट की ओर से शासन एवं पुलिस प्रशासन से मांग की गई है कि इस घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना मानकर समाप्त न किया जाए, बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी व्यक्ति, समूह अथवा किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाए।
साथ ही आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, ठाकुर सुधांशु सोम एवं उनके सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा की तत्काल समीक्षा कर स्थायी सुरक्षा, न्यायालयीय सुरक्षा एवं अंतरजनपदीय पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट, मथुरा ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के भय, दबाव अथवा धमकी के बावजूद न्यायालयीन प्रक्रिया में व्यक्तिगत पैरवी जारी रहेगी और सभी मामलों में विधि के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

