September 21, 2026

जांच में सहयोग के बाद भी संस्थान को बदनाम करने की साजिश का आरोप

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जांच में सहयोग के बाद भी संस्थान को बदनाम करने की साजिश का आरोप


गलत तथ्यों पर दर्ज मुकदमे की विवेचना जारी, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

 

प्रयागराज। सिविल लाइंस स्थित प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (पीआईएटी) ने संस्थान को लेकर निदेशक ने कहा है कि व सुभारती के चैनल पार्टनर है न कि परीक्षाओं के प्रमाण पत्र बातें है। एक साजिश और वसूली के तहत उनके संस्थान को निशाना बनाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक सूचनाओं तथा गलत तत्त्वों पर बात हुए कहा है कि संस्थान वर्ष 2024 से सुभारती विश्वविद्यालय का अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर है। यहां केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) की कौशल विकास एवं स्वरोजगार योजना तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के तहत बी.वोक. के विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

शनिवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्थान के निदेशक डॉ. अंसार अहमद ने कहा कि हाल ही में दो सत्रों की परीक्षाओं के बाद विश्वविद्यालय से अंकपत्र जारी होने में हुई देरी को लेकर कुछ लोगों ने भ्रम फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच के दौरान विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं एवं परिणाम पूर्णतः वैध और वास्तविक हैं।

डॉ. अंसार अहमद ने कहा कि उनके विरुद्ध साइबर क्राइम थाना, प्रयागराज में दर्ज मुकदमे की विवेचना चल रही है और संस्थान शुरू से ही जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि विवेचना के दौरान उपलब्ध तथ्यों में संस्थान की ओर से किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पूरे प्रकरण से जिलाधिकारी प्रयागराज को अवगत करा दिया है तथा भविष्य में भी प्रशासन को हर स्तर पर सहयोग देते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि पीआईएटी केवल सुभारती विश्वविद्यालय का अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर है। अंकपत्र जारी करना, परीक्षा परिणाम घोषित करना अथवा नए पाठ्यक्रमों की स्वीकृति विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र का विषय है। इसके बावजूद कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों एवं आमजन को गुमराह कर संस्थान की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

पत्रकार वार्ता में संस्थान के अधिवक्ता सचिन शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्व जानबूझकर छात्रों को भड़काकर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी सोशल मीडिया आईडी के जरिए संस्थान के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। ऐसे मामलों का विधिक परीक्षण कराया जा रहा है और दोषियों के विरुद्ध मानहानि सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संस्थान प्रबंधन ने कहा कि उसकी प्राथमिकता छात्रों के हितों की रक्षा करना, प्रशासनिक जांच में पूर्ण सहयोग देना तथा तथ्यों के आधार पर पूरे मामले को स्पष्ट करना है। साथ ही संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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