नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, प्रयागराज (कार्यालय-02) की छमाही बैठक सम्पन्न

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, प्रयागराज (कार्यालय-02) की छमाही बैठक आज मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज के कॉन्फ्रेंस रूम में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में समिति से सम्बद्ध सभी सदस्य कार्यालयों के विभागाध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. मनोज माधव गोरे, सहायक निदेशक (राजभाषा) प्रमोद कुमार द्विवेदी तथा उपनिदेशक (कार्यान्वयन) क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (उत्तर-2), गाजियाबाद के डॉ. छबील कुमार मेहर द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। बैठक की अध्यक्षता संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. मनोज माधव गोरे ने की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक निदेशक (राजभाषा) प्रमोद कुमार द्विवेदी ने माननीय अध्यक्ष महोदय एवं उपस्थित सभी सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन में सभी कार्यालयों के योगदान की सराहना करते हुए बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
बैठक के दौरान राजभाषा संबंधी छमाही प्रगति एवं आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा उपनिदेशक (कार्यान्वयन) डॉ. छबील कुमार मेहर द्वारा प्रस्तुत की गई। उन्होंने समिति के कार्यों की सराहना करते हुए हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं उसके अधिकाधिक प्रयोग पर विशेष बल दिया। साथ ही, उन्होंने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। समिति ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि सभी सदस्य कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के उपयोग को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
इस अवसर पर समिति की वार्षिक पत्रिका ‘त्रिवेणी प्रवाह’ का विमोचन भी किया गया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने सराहा। पत्रिका में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार से संबंधित विभिन्न रचनाओं एवं गतिविधियों का समावेश किया गया है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. मनोज माधव गोरे ने सरल, सुबोध एवं व्यवहारिक हिंदी के प्रयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को सहज एवं प्रभावी बनाना है। साथ ही, उन्होंने राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी कार्यालयों से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
बैठक में संस्थान के कार्यवाहक कुलसचिव डॉ. श्वेतांग परिहार, डॉ. एस. डी. शुक्ला, विभिन्न कार्यालयों के प्रमुख, तथा केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्यगण भी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक निदेशक (राजभाषा) प्रमोद कुमार द्विवेदी द्वारा किया गया।

