आजादी के लिए बलिदान होने वाले हमारे पूर्वज, सम्मान देना जरूरी-न्यायमूर्ति सुधीर नारायण

प्रयागराज। प्रयागराज में आज के दिन अंग्रेजों की गोलियों से बलिदान हुए कर शहीदों की शहादत सम्मानपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर बोलते हुए न्यायमूर्ति सुधीर कुमार ने कहा कि आजादी के लिए बलिदान होने वाले भारतीय हमारे पूर्वज इनको याद करना नमन करना हमारा दायित्व है।
सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आजादी के लिए बलिदान हुए लोगों की गौरव गाथा बच्चों को जानना जरूरी है । शहीदों के स्मारक पर आकर उन्हें शहीदों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने हिंदी में वंदे मातरम को रूपांतरित कविता भी सुनाई।
1942 में किसान आंदोलन के दौरान आज के दिन प्रयागराज के सैदाबाद में किसानों ने अंग्रेजों का रास्ता रोक लिया और पुलिया को तोड़ी। आगरा से बनारस जाने वाला रास्ता बंद कर दिया। अंग्रेजों ने गोलियों की बौछार कर सियाम्बर ,चंद्रमा प्रसाद, दयाल और सुबोध को शहीद कर दिया।
आज उनकी शहादत दिवस पर शहीदवॉल पर सलामी पुलिस बैंड वादन हुआ । साथ ही बच्चों ने भी शहीदों के बारे में जानकारी ली। जिससे उनके अंदर देश प्रेम की भावना बढ़े।
शहीदवॉल संस्थापक वीरेंद्र पाठक ने चारों शहीदों के बारे में विस्तार से बताया संचालन डॉ प्रमोद शुक्ला ने किया। रानी सिंह प्रीती रावत प्रभात मिश्रा आचार्य राजेश त्रिपाठी अनन्त सिंह सहित अनेक लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की ।

