अब तक आपने ‘लुटेरी दुल्हनों’ के बारे में सुना होगा, लेकिन अब ‘लुटेरे दूल्हे’ भी सामने आए

ज्यादातर महिलाएं 40 साल से ज्यादा उम्र की थीं। कोई विधवा, कोई तलाकशुदा, तो कुछ दिव्यांग थीं। महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए अनुज अपने बेटे प्रखर को छोटा भाई बताकर मिलवाता था।
मामला तब सामने आया, जब सीतापुर के सेवता से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने अपने समधी अनुज और दामाद प्रखर के खिलाफ FIR दर्ज कराई। विधायक का दावा है कि उनकी MBBS बेटी भी इस ठगी का शिकार हुई है।
ऐसे सामने आई ‘लुटेरे दूल्हे’ की असलियत
विधायक के समधी और दामाद सीतापुर के चंद्रावल गांव के रहने वाले हैं। अनुज और प्रखर ने 2016 से 2022 तक यूपी, महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता और कर्नाटक समेत कई जगहों पर महिलाओं को शादी के नाम पर ठगा।
मामला 4 मार्च, 2022 को सामने आया, जब ठाणे के नयानगर थाने में 75 साल की सरिता (बदला हुआ नाम) ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि अखबार में शादी का विज्ञापन देखकर ‘अजय अग्रवाल’ यानी अनुज ने उनकी 45 साल की मांगलिक बेटी से संपर्क किया। दोनों की शादी 1 मार्च, 2019 को हुई थी।
सरिता के मुताबिक, 22 फरवरी, 2022 को अनुज उनकी बेटी को दिल्ली ले गया। वहां उसके 39 तोले सोने और हीरे के गहने उतरवाए। फिर उसे मुंबई की ट्रेन में बैठाकर अपना फोन बंद कर लिया। इसके बाद अमरावती में रंजीता (बदला हुआ नाम) और मुंबई में लीला प्रताप नायर की शिकायतें भी सामने आईं। महाराष्ट्र में 4 FIR होने के बाद जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अनुज त्रिवेदी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ मे अनुज त्रिवेदी ने बताया की उसने 40 महिलाओं को शादी कर के ठगा है। और उसने बेटे की भी 4 शादी करवाई और 4 महिलाओं को ठगा। बेटा प्रखर त्रिवेदी अभी फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस हर संभावित ठिकानो पर दबिश दे रही है।
शिकायत करने वाली महिलाओं मे 25 महिलाओं ने तो शिकायत की लेकिन 15 महिलाओं की शादी अब कहीं और हो गई है इसलिए अब वो बदनामी के डर से चुप हैँ।

