शहर को जाम से निजात दिलाने और यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन और रोडवेज की नजरें अब रक्षा मंत्रालय पर टिकी

सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य पिछले वर्ष ही शुरू हुआ है। बसों का संचालन विद्या वाहिनी मैदान के अस्थायी बस स्टेशन से हो रहा है। यहां पर्याप्त जगह न होने से बसें सड़कों पर खड़ी हो जाती हैं और जाम लग जाता है। इसके समाधान के लिए पहले भी रोडवेज और जिला प्रशासन ने सेना से परेड क्षेत्र में जमीन मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली थी। हाल में बैरहना बांगड़ धर्मशाला के सामने परेड क्षेत्र की जमीन को फिर से बस अड्डे के लिए प्रस्तावित किया गया और सेना से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।
प्रस्ताव के अनुसार, अगर परेड में जमीन मिलती है तो वहां से वाराणसी, गोरखपुर एवं पूर्वांचल के तमाम शहरों के साथ मिर्जापुर, बांदा, चित्रकूट, रीवा, सोनभद्र के लिए बसों का संचालन होगा। वहीं, विद्या वाहिनी बस अड्डे से अयोध्या, प्रतापगढ़, लखनऊ, दिल्ली, कानपुर, आगरा, बरेली व हल्द्वानी रूट की बस चलाने की योजना है। क्षेत्रीय प्रबंधक यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन रविंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन के माध्यम से रक्षा मंत्रालय में अस्थायी बस स्टेशन के लिए जमीन मांगी गई है।

