भारत के स्मार्टफोन बाजार में Q1 के दौरान सालाना आधार पर 10% की भारी गिरावट आई

इस मंदी की सबसे बड़ी गाज बजट सेगमेंट पर गिरी है, जहां 15,000 रुपये से कम वाले स्मार्टफोन की बिक्री में 45% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते सस्ते और मिड-रेंज फोन बेचने वाले चीनी ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी साल 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, सितंबर 2025 से स्मार्टफोन मेमोरी के दाम करीब चार गुना बढ़ गए हैं। लागत बढ़ने से कंपनियों ने फोन की औसत कीमतें 15% तक बढ़ा दीं, जिससे महंगाई के बीच आम ग्राहकों ने नया फोन खरीदना टाल दिया।
घटती बिक्री से निपटने के लिए कई स्मार्टफोन ब्रांड्स ने बजट सेगमेंट में फिर से अपने 4G पोर्टफोलियो का विस्तार शुरू कर दिया है। कंपनियों का मानना है कि कीमत को तवज्जो देने वाले ग्राहक महंगे 5G के मुकाबले अब सस्ते 4G फोन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इसके विपरीत, 45,000 रुपये से महंगे प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट पर इस मंदी का कोई असर नहीं हुआ है। क्रेडिट कार्ड और नो-कॉस्ट EMI जैसी आसान फाइनेंसिंग स्कीमों के चलते प्रीमियम बाजार पूरी तरह स्थिर रहा, और इस तिमाही में कुल स्मार्टफोन बिक्री का आधा हिस्सा EMI के जरिए ही हुआ।

