June 2, 2026

कई शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, पीडीए के टेंडरों में करोड़ों की अनियमितता का आरोप

0

कई शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, पीडीए के टेंडरों में करोड़ों की अनियमितता का आरोप

प्रयागराज, 6 मई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) में वर्ष 2016 से 2023 के बीच अवस्थापना, अर्धकुंभ, स्मार्ट सिटी और महाकुंभ परियोजनाओं से जुड़े टेंडरों में कथित वित्तीय अनियमितताओं और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के मामले में एक बार फिर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता शारदेंदु तिवारी ने मंडलायुक्त प्रयागराज को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये के टेंडरों में गंभीर गड़बड़ियां होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी जांच नहीं कराई गई।

शिकायत के अनुसार ई-टेंडरिंग पोर्टल पर उपलब्ध बिडर रेट और विभागीय अभिलेखों में दर्ज कंपेरेटिव चार्ट के बीच भारी अंतर पाया गया है। आरोप है कि बीओक्यू (BOQ) की एक्सेल शीट में कथित रूप से छेड़छाड़ कर निविदाओं की एल-1 और एल-2 स्थिति को प्रभावित किया गया तथा कुछ ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों में कई निविदाओं के संबंध में ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं जो पूरे टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं। आरोप यह भी है कि अनेक टेंडरों के वित्तीय मूल्यांकन संबंधी दस्तावेज वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराए गए, जबकि सार्वजनिक धन से होने वाले कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।

अधिवक्ता शारदेंदु तिवारी ने आरोप लगाया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार उच्चाधिकारियों को शिकायतें भेजी गईं, लेकिन किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि मामला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा हुआ प्रतीत होता है और संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

शिकायतकर्ता ने मंडलायुक्त से पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने, दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने तथा सरकारी धन की संभावित क्षति का आकलन कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी प्रयागराज तथा उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण को भी प्रेषित की गई है। शिकायत के साथ आरटीआई के माध्यम से प्राप्त निविदाओं की सूची तथा जनसूचना अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाएं भी संलग्न की गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *