September 27, 2026

स्मार्ट सिटी का खेल विकास के नाम पर शहर का विनाश, ममफोडगंज पॉश कालोनी के घरो में घुसा बरसात का पानी

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स्मार्ट सिटी का खेल विकास के नाम पर शहर का विनाश, ममफोडगंज पॉश कालोनी के घरो में घुसा बरसात का पानी

*10 करोड़ का हुआ लोगों का नुक्सान*

*ममफोडगंज एस टीपी बेली मोरी गेट का तावा हुआ जाम*

*नही घूमी तावे की हैंडिल जेसीबी से खोलना पड़ा तावा*

*सिटिजन कमेटी व HIG कालोनी निवासियो ने तीन महीने पूर्व हाथीं नाला सफाई स्लूज गेट व पम्पिंग स्टेशन के विषय में दिया था पत्र*

*10 करोड़ के नुक्सान की कौन करेगा भरपाई*

प्रयागराज ममफोर्डगंज क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए मोरी गेट (स्लूज गेट) बनाया बाढ़ आने के दौरान मूरी गेट बंद कर दिये जाते है उस दौरान बरसात व नाले के पानी को पम्पो द्वारा दूसरी तरफ बेले कछार में पानी फेका जाता था। 6 लेन पुल निर्माण के दौरान सड़क चौड़ीकरड़ में पुराने पम्प हाऊस हटाये गये उनके स्थान पर तीन बड़े पम्प लगाये गये 15 दिन पूर्व तक नए पम्पो का स्विच रूम नहीं तैयार था जिसे लेकर सिटिजन कमेटी मंमफोडगंज के प्रतिनिधी मंडल अधिकारियो को पत्र दिया था। अधिकारियो की कार्यशैली से निराश कमेटी के सदस्य रवि शंकर द्विवेदी भानू यादव रजवन्त सिंह डा विराज श्रीवास्तव ने शहर उत्तरी विधायक महापौर गणेश केसरवानी को समस्या बतायी जिसके बाद महापौर व शहर उत्तरी विधायक ने ममफोडगंज, बेली मोरी गेट व पम्प हाऊस का निरीक्षण किया सम्बंधित अधिकारियो को पम्प हाऊस चालू करने को कहा उनकी बातो का कोई असर नहीं हुआ 8 अगस्त की भारी बारिश व नाले का पानी पम्प ना चलने से रिहायशी इलाके में घुस गया । गंगा जी का पानी काफ़ी घट गया फिर भी मोरी गेट ( स्लूज गेट ) नहीं खुले।
सिटिजन कमेटी के लोगो स्थानीय पार्षद द्वारा उच्च अधिकारियो को बताया बाढ़ नियन्त्रण द्वारा मोरी गेट खोलने का असफल प्रयास के बाद जेसीबी से मोरी गेट के तावे उठाये गये तब तक बरसात व नाले का पानी सैकड़ो घरो में घुस गया सड़को पर कार तैरने लगी प्रत्येक घर में लाखो का नुकसान हो महंगी गाड़िया फ्रिज इनवर्टर टुल्लू स्कूटर मोटर साइकिल सोफे फर्नीचर रजाइ गददे कपडो का करोड़ो का बड़ा नुकसान हुआ । सिटिजन कमेटी की आज हुयी बैठक में संरक्षक डा अरुण श्रीवास्तव अजय श्रीवास्तव केशव सिंह डा विराज रवि शंकर द्विवेदी भानू यादव पंकज श्रीवास्तव आलोक पार्षद विश्वास रावत ने उक्त घटना की जांच करा कर दोषी सम्बंधित विभाग के अधिकारियो सरकारी कर्मचारियों को सख्त सजा दी जाय और बाढ़ नियंत्रण इकाई की व्यवस्था को तत्काल चुस्त दुरुस्त किया जाय तथा राज्य सरकार नागरिकों की क्षति की पूर्ति करे।

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