October 29, 2026

करवा चौथ न व्रत न उपवास ..बन गया भूखे रहने वाला वरत।

0

करवा चौथ न व्रत न उपवास ..बन गया भूखे रहने वाला वरत।

वरत ,व्रत का बिगड़ा हुआ शब्द है। व्रत अर्थात किसी संकल्प को पूरा करने का निशचय जो भोजन त्याग कर मन को वश में भी किया जा सकता है। उपवास (उप+वास) नज़दीक निवास। किसके नज़दीक ? अपनी आत्म को प्रमातमा के नज़दीक करना उपवास कहलाता है। इसमें भोजन त्यागना अवश्यक नही। अब ऐसे समझे व्रत से शरिरक पापों को नष्ट करते हुऐ आत्म शुद्धी द्वारा परमात्मा के नज़दीक निवास या उपवास करना मोक्ष की तरफ़ बढ़ना है।महात्मा बुद्ध ने भी भूखे रह कर कई दिन समाधी से मोक्ष प्राप्त करने की कोशिश की थी सूख कर कांटा हो गया मरने की नौबत आ गई चरवाहे ने बकरी का दूध पिला कर बचाया और बचने के बाद ज्ञान हुआ और कहा भूखे हरने का उपासना से कोई सम्बन्ध नही। आत्म शुद्धी ही उपासना का सही मार्ग है।

करवा चौथ” नाम से कोई व्रत न तो वेद ना पुराण और ना ही रामायण या महाभारत में मिलता है. यह व्रत लोक परंपरा (लोकायत धर्म) से विकसित हुआ, जो बाद में अनेकों पौराणिक कहानियों से इसे जोड़ दिया गया। गलत परम्पराओं के प्रचार ने हिन्दूओं को सत्य और धर्म के मार्ग से भटका दिया है।उदाहरण द्वारा समझाता हूँ। हिन्दूओ में यह प्रचारित कर दिया गया की जिस घर में महाभारत होगी उस घर में लड़ाई झगड़े होगें और हिन्दूओ ने मान लिया और महाभारत की शिक्षाओं से वंचित हुऐ और सत्य न्याय और धर्म रक्षा से दूर हुऐ। जबकि महाभारत न रखने वाले परिवारों में भी झगड़े होते हैं। पाँच में से दो शादि टूटती है एक में नित झगड़ा रहता है बाकि दो जैसे तैसे काट रहे हैं।लेकिन परमपरा बन गई महाभारत घर में नही रखनी चाहिए।
क्या केवल भूखे रहने पर ही त्याग समर्पण दिखाई देता है ? विवाहित जीवन आयु भर का तप है और एक दुसरे के प्रति कर्तव्य व समर्पण है।एक दिन सज सँवर मेहंदी लगा कर दिखावा करने से कौन सा त्याग और कर्तव्य निभाने का व्रत धारण होता है।
करवा चौथ अवैदिक परमपरा है एक दिन व्रत रखा अगले दिन लड़ाई झगड़ा।यहाँ तक देखा जाता है की पति पत्नी एक दुसरे से असंतुष्ट परस्त्री परपुरूष गामी बनते है। इस तरह के वरत विवाह के मूल उद्देश्यों से समाज को दूर करते हैं। यह मनोरंजन का त्यौहार है मनोरंजन करें कोई हानि नही।
पत्नी संकट से पति को वरत द्वारा बचा सकती है ऐसी धारणा अगर समाज रखेगा और पति की अगर मृत्यु हो जाए तो दोष पत्नी पर आयेगा और उसके उपवास / वरत पर शक किया जाएगा कि इसने ठीक ढंग से या मन से वरत नहीं रखा। वैसे यह बात हर कोई स्वीकार करेगा कि ऐसा असम्भव हैं। जैसे करवा चौथ की कहानी में है रानी ने भूख के कारण वरत तोड़ दिया पति के शरीर में सूइयाँ चुभ गई।अब विचार करें जब भी पति पर संकट या रोग आयेगा पत्नी पर ही दोष मढ़ दिया जाएगा कि पत्नी के वरत और पत्नी धर्म में कहीं दोष है।
इस कुप्रथा का सौभाग्य या लम्बी आयु से कोई सम्बंध नही है।
इस व्रत से पति की उम्र लम्बी होगी इस भ्रम को ना पालें।पति पत्नी का एक दूसरे के प्रति सम्मान , समर्पण ,त्याग , सत्यता ,विश्वास , कृतज्ञता , और मर्यादा के पालना करने से ही घर में शांति का माहौल बनता है जिससे पति पत्नी दोनों की लम्बी उम्र होगी तथा घर में धन समृद्धि सुख हर्ष और उल्लास का वातावरण बनेगा।
काश एक ऐसा त्योहार बने जब पत्नियाँ व्रत लें कि पति को हर सुबह योग करवायेंगी उसकी बीढ़ी शराब जैसी बुरी आदतें छुड़ायेंगी इससे पति कि आयु अवश्य लम्बी होगी।

या ऐसा व्रत लें कि हर सुबह पति के साथ बैठकर संध्या हवन करके ही भोजन करेगी इससे मन में शांति होगी ईश्वर की कृपा बनेगी और आयु लम्बी होना स्वभाविक है।

ऐसा व्रत लें की घर में सास ससुर का सम्मान करेंगी उनसे कभी गलत व्यवहार नहीं करेंगी। पति से भी मीठा बोलेगी उसकी धर्म तुल्य हर बात मानेगी और पति के अलावा किसी ग़ैर से मन से भी प्रीति न करूँगी। इससे घर का वातावरण ख़ुशहाल होगा और पति की आयु अवश्य लम्बी होगी।

ऐसा ब्रत लें कि हर सुबह गाय कुत्ते बिल्ली आदि पशुओं और पक्षियों को भी भोजन देगी गौ शालाओं में दान देगी।

या ऐसा व्रत लें कि पति को बिना हैलमट बिना सीट बैलट लगाये वाहन चलाने नही देगी। पति की आयु अवश्य लम्बी होगी।

या ऐसा व्रत लें की पति से शस्त्र ख़रीद कर रखने की जिद्द करें ताकि कोई दैत्य आकर पति का गला न रेत जाए। इस व्रत से पति की आयु अवश्य लम्बी होगी।

काश पत्नियाँ ऐसा व्रत धारण करें कि वे आपने पतियों में आत्मबल भर देंगी ताकि वे धर्म और देश की रक्षा के लिए कुछ भी निछावर कर सकें।

करवा चौथ जैसी ग़लत परम्परा बारे लिखने का भी यही उदेश्य है की दक़ियानूसी परम्पराओं से समाज बाहर निकलें और सही व्रतों का पालन करे।अगर जीवन पर संकट आये या मन में विकार आयें तो सावधानी और बुद्धिमतापूर्ण ही बचा जा सकता है वरत से नही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *