September 18, 2026

166 विद्यालयों में मेन रोड पार करने वाले बच्चों की सुरक्षित आवाजाही हेतु शिक्षामित्रों की ड्यूटी, 31 विद्यालयों में अप्रोच रोड, 11 में जलभराव तथा 152 विद्यालयों में विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के निर्देश

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*166 विद्यालयों में मेन रोड पार करने वाले बच्चों की सुरक्षित आवाजाही हेतु शिक्षामित्रों की ड्यूटी, 31 विद्यालयों में अप्रोच रोड, 11 में जलभराव तथा 152 विद्यालयों में विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के निर्देश*

*184 विद्यालयों में दिव्यांग सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर डीपीआरओ एवं संबंधित नगर निगम अधिकारियों की जवाबदेही तय कर प्रतिकूल प्रविष्टि एवं वेतन रोकने की कार्रवाई के निर्देश*

*विद्यालय समितियों की पुनः बैठक कर उपस्थिति वृद्धि का आकलन, स्टार परफॉर्मर्स के नाम नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित कर मेडल/बैज से सम्मानित करने तथा शारदा अभियान के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के निर्देश*

मंडल में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ बच्चों तक पहुंचाने के दृष्टिगत मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने आज आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में जनपद प्रयागराज के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) एवं सभी बीईओ/एबीएसए के साथ बैठक कर शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई। सर्वप्रथम परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही की स्थिति की समीक्षा करते हुए ब्लॉकवार जानकारी ली गई। बीएसए द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद के 24 विकासखंडों में कुल 2,832 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें 166 विद्यालय ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों को मेन रोड पार करके विद्यालय जाना पड़ता है। पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में इन सभी विद्यालयों में शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई गई है तथा उन्हें विद्यार्थियों को गांव से विद्यालय तक सुरक्षित लाने एवं विद्यालय से वापस गांव तक पहुंचाने के लिए अधिकृत किया गया है। बैठक में जसरा विकासखंड का उदाहरण देते हुए अवगत कराया गया कि स्थानीय नागरिक एवं व्यापारी भी विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही में सहयोग कर रहे हैं। कई स्थानों पर व्यापारियों द्वारा लाल झंडे लगाकर बच्चों को सड़क पार कराने में सहायता की जा रही है। मंडलायुक्त ने उक्त व्यवस्था को सभी 166 विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू रखते हुए इसकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

परिषदीय विद्यालयों में अप्रोच रोड, जलभराव एवं विद्युत व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अवगत कराया गया कि लगभग 31 विद्यालयों में अप्रोच रोड का अभाव, 11 विद्यालयों में गड्ढों के कारण स्थायी जलभराव की समस्या तथा लगभग 152 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन न होने अथवा विद्युत व्यवस्था से संबंधित समस्याएं हैं। मंडलायुक्त ने इन समस्याओं के समाधान हेतु जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को पत्र प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही, हाल ही में 44 विद्यालयों के पास से हाईटेंशन विद्युत तार हटाए जाने की कार्रवाई पर प्रसन्नता व्यक्त की।

विद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि लगभग 184 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। मंडलायुक्त ने ऐसे विद्यालयों में आवश्यकतानुसार रैम्प एवं हैंडरेल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जहां संभव हो, पृथक दिव्यांग शौचालय का निर्माण शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

विद्यालयों में साफ-सफाई एवं शौचालयों की सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अधिकांश विद्यालयों में व्यवस्था संतोषजनक न होने तथा सफाईकर्मियों द्वारा नियमित रूप से सफाई न किए जाने की जानकारी पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। ग्राम पंचायत क्षेत्रों के अंतर्गत सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) तथा विस्तारित नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित नगर निगम अधिकारियों की होने के दृष्टिगत मंडलायुक्त ने डीपीआरओ एवं संबंधित नगर निगम अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि एवं वेतन रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विद्यार्थियों की विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से ग्राम प्रधानों, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन समितियों के साथ बैठक आयोजित किए जाने की भी समीक्षा की गई। अवगत कराया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में सभी स्थानों पर बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व सभी विद्यालयों में संबंधित समितियों की बैठक पुनः आयोजित की जाए तथा इन बैठकों के परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की उपस्थिति में हुई प्रतिशत वृद्धि का स्पष्ट आकलन किया जाए। बीएसए को निर्देशित किया गया कि अगली समीक्षा बैठक में शिक्षकों एवं अभिभावकों के संयुक्त हस्ताक्षर तथा बैठक के फोटोग्राफ सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन एवं विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने के दृष्टिगत मंडलायुक्त ने शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ भोजन करने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को “स्टार परफॉर्मर्स” के रूप में प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। ऐसे विद्यार्थियों के नाम विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित कर उन्हें मेडल एवं बैज से सम्मानित किया जाए, ताकि उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं अनुशासन की भावना विकसित हो। साथ ही, विद्यालयों के वातावरण को आकर्षक एवं विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने के लिए अधिक से अधिक विद्यालयों में वॉल पेंटिंग कराने तथा विद्यालय परिसरों को स्वच्छ, सुंदर एवं प्रेरणादायी बनाने पर विशेष जोर दिया।

शारदा अभियान के अंतर्गत विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं तथा प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में नामांकन कराने के साथ उसकी नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए।

सड़क किनारे भीख मांगने वाले बच्चों के संबंध में मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि ऐसे बच्चों को चिन्हित कर गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से उनके परिवारों से संपर्क स्थापित किया जाए तथा बच्चों को भीख मांगने से मुक्त कर उनकी शिक्षा, सुरक्षा एवं कल्याण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में सुरक्षित आवागमन, स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण, मूलभूत सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दिए गए निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन किया जाए। आगामी समीक्षा बैठक में निर्देशों के अनुपालन एवं प्रगति की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

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