बच्चों में प्रबल राष्ट्र प्रेम और नैतिक नागरिक की भावना भरेगी आजाद गाथा – जितेन्द्र सिंह

प्रयागराज में अनूठी पहल: विद्यालयों में संस्कृति एवं विरासत क्लब का गठन

प्रयागराज। प्रयागराज में एक अनूठी पहल शुरू हुई है। विद्यालयों में संस्कृति एवं विरासत क्लब का गठन किया गया है, इसमें भारतीय संस्कृति और विरासत पर चर्चा होगी । महापुरुषों की प्रेरणादाई कहानियां सुनाई जाएंगी, शहीदों की गाथा बच्चे सुनेंगे ।
इसका उद्घाटन करते हुए सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आज “आजादी चाहने वालों की आजाद गाथा” सुनाई जा रही है। इस गाथा को सुनकर मैं भी अभिभूत हूं। निश्चित तौर पर यह बच्चों के लिए प्रेरणादाई उच्च आदर्श स्थापित करने वाला होगा।
उन्होंने कहा कि बच्चे महान शहीदों की शौर्य गाथा को सुनेंगे उनके समक्ष एक आदर्श संकल्प खड़ा होगा। भारत भाग्य विधाता के संयोजक और गाथाकार वीरेन्द्र पाठक ,चलो कुछ अच्छा करें अभियान के तहत इस आयोजन में विद्यालयों में जाकर यह आयोजन करेंगे। निश्चित तौर पर आज इसकी जरूरत है। हम सब भारत भाग्य विधाता संस्था के आभारी है।
आजादी चाहने वालों की आजाद गाथा भारत भाग्य विधाता के संयोजक और शहीदवॉल के संस्थापक वीरेन्द्र पाठक ने सुनाई। उन्होंने रमेश मालवीय, त्रिलोकी नाथ कपूर की शहादत की गाथा बच्चों को बताई तथा अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के अनछुए पहलुओं और चरित्र पर विस्तार प्रकाश डाला।
प्रारंभ में मेजर के के प्रसाद प्रधानाचार्य ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके विद्यालय की गौरव की बात है कि “आजादी चाहने वालों की आजाद गाथा” बच्चों तक इस विद्यालय से शुरू की गई।
संचालन सुनील कुमार ने किया तथा बच्चों ने गाथा के बाद पूछे गए सवालों का उत्तर दिया । उन्हें पुरस्कृत भी किया गया।
प्रारंभ में शहीद रमेश मालवीय और त्रिलोकी नाथ कपूर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया।

