छ माह बाद भी आरोप पत्र न देने पर हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर लगाई रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिजर्व पुलिस लाइन, गाजियाबाद में तैनात दिगंबर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके 24 जनवरी 2026 के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है।और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता इरफान अहमद मलिक ने कोर्ट में दो मुख्य तर्क रखे। पहला, निलंबन आदेश पारित करते समय अधिकारी के पास कोई ठोस सामग्री मौजूद नहीं थी, क्योंकि प्रारंभिक जांच निलंबन के बाद शुरू की गई। दूसरा, निलंबन को छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक याचिकाकर्ता को आरोप-पत्र नहीं दिया गया है। इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के अजय कुमार चौधरी बनाम भारत संघ मामले तथा हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला दिया गया।
इस पर कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा और याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक निलंबन आदेश प्रभावी नहीं रहेगा, हालांकि विभागीय कार्यवाही यथावत जारी रह सकेगी। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

