August 11, 2026

दहेज के लिए ससुराल वालों का खूंखार तांडव, बेटी ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई

0

दहेज के लिए ससुराल वालों का खूंखार तांडव, बेटी ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई

*बुआ बनी सास*

प्रयागराज, 10 अगस्त 2026 शादी के एक महीने बाद से ही दहेज के लिए ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित की जा रही एक विवाहिता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न करने पर न केवल उसे मारा-पीटा जा रहा है, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। पीड़ित महिला ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, नई दिल्ली को भी प्रतिलिपि भेजकर न्याय की अपील की है।
शादी के बाद शुरू हुआ नरक
श्रीमती चंचल कुमारी पत्नी दुर्गा प्रसाद, पुत्री उदय सिंह, निवासी 26/25, बेगम सरांय गयासुउददीनपुर, थाना धूमनगंज, जनपद प्रयागराज की शादी दिनांक 25 फरवरी 2026 को दुर्गा प्रसाद पुत्र राकेश कुमार, निवासी ट्रांसपोर्ट नगर भागलपुर, थाना धूमनगंज, जिला प्रयागराज के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शुभमंगलम गेस्ट हाउस में संपन्न हुई थी।
शादी में लड़की के पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दूल्हे पक्ष को सब कुछ दहेज में दिया था, लेकिन शादी के एक महीने बाद से ही ससुराल वालों का असली चेहरा सामने आया।
अतिरिक्त दहेज की मांग और मारपीट
पीड़ित चंचल कुमारी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि शादी के तुरंत बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। उन्हें चार पहिया वाहन और नगद 2 लाख रुपये की मांग की गई। जब चंचल ने अतिरिक्त दहेज देने से मना किया, तो ससुराल वालों ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
बुआ सास के बेटों का तांडव
चंचल कुमारी ने अपने आवेदन में बुआ सास के दो बेटों जगदीश कुमार और सुजीत कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि सुजीत कुमार ने न केवल उस पर हाथ उठाया, बल्कि उसके पिताजी पर भी हमला किया। वे दोनों भाई मिलकर उसे मारते-पीटते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं।
ननद का अभद्र व्यवहार
चंचल की ननद रेशमा गौतम भी उसे लगातार मारपीट करती है और अपमानित करती है। वह कहती है, “तुम्हारे बाप की क्या औकात है, कि तुझे दहेज में कुछ दे सके क्योंकि तुम लोग भिखारी खानदान के हो।” इस तरह के अभद्र शब्दों से चंचल को मानसिक रूप से तोड़ा जा रहा है।
भूखा रखकर प्रताड़ित करना
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न करने पर ससुराल वाले चंचल को भूखा भी रखते हैं। वे कहते हैं, “जब तक तेरे बाप द्वारा हमारी अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं करेगा, तब तक तुझे हम लोग इसी तरह सताते रहेंगे।” यह व्यवहार एक इंसान के साथ नहीं, बल्कि एक जानवर के साथ भी नहीं किया जाना चाहिए।
थाने में नहीं हो रही सुनवाई
चंचल कुमारी ने आरोप लगाया है कि वह थाना धूमनगंज में शिकायत करने गई, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। पुलिस अधिकारी उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इससे निराश होकर उसने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, नई दिल्ली को प्रतिलिपि भेजकर न्याय की अपील की है।
महिला आयोग से न्याय की उम्मीद
अब चंचल कुमारी की नजरें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, नई दिल्ली पर टिकी हैं। उसने आशा जताई है कि आयोग उसकी शिकायत पर गंभीरता से विचार करेगा और उसे न्याय मिलेगा। उसने अपने आवेदन में पुलिस से दो मांगें रखी हैं:
A. उपरोक्त आरोपियों के विरुद्ध उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए।
B. उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा की जाए, क्योंकि उसे और उसके परिवार के सदस्यों को जान का खतरा है।
कानूनी प्रावधान
भारतीय कानून के तहत दहेज उत्पीड़न एक गंभीर अपराध है। धारा 498A IPC के तहत दहेज के लिए उत्पीड़न करने वालों को 3 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है। धारा 323 IPC (मारपीट), धारा 504 IPC (गाली-गलौज), धारा 506 IPC (धमकी) और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
समाज की जिम्मेदारी
यह मामला केवल एक महिला की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। अगर हमारी बेटियां, बहनें और माताएं सुरक्षित नहीं हैं, तो हमारी संस्कृति और समाज सुरक्षित नहीं है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई करे और पीड़ित को न्याय दिलाए।
सरकार की भूमिका
उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को भी इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाए और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि वे महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लें।
न्याय की उम्मीद
चंचल कुमारी जैसे हजारों महिलाएं हैं जो अपने ससुराल वालों के अत्याचार सह रही हैं, लेकिन डर के मारे आवाज नहीं उठा पाती हैं। चंचल ने हिम्मत दिखाई और आवाज उठाई। अब समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उसे न्याय मिले और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई हो।
हम उम्मीद करते हैं कि पुलिस प्रशासन और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा और पीड़ित चंचल कुमारी को न्याय मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *