May 23, 2026

यूपी में बढ़ रहे बाल विवाह: हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

0

यूपी में बढ़ रहे बाल विवाह: हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते बाल विवाह के मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने कहा कि राज्य में बाल विवाह इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि पुलिस ‘बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006’ के तहत प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति अजय कुमार-II की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि अब तक उनके सामने ऐसा कोई मामला नहीं आया, जिसमें पुलिस ने अधिनियम की धारा 10 (बाल विवाह कराने पर सजा) और धारा 11 (बाल विवाह को बढ़ावा देने या अनुमति देने पर सजा) के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की हो।
कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वे सभी पुलिस कमिश्नरों और जिला पुलिस प्रमुखों को स्पष्ट गाइडलाइंस जारी करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर—चाहे शिकायत से, जांच के दौरान या स्वतः संज्ञान में—तुरंत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
यह टिप्पणी आजाद अंसारी और उनके परिवार द्वारा दायर एक आपराधिक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। याचिका में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और जबरन विवाह के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ताओं का दावा था कि लड़की ने अपनी मर्जी से मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की है और वह बिना दबाव के पति के साथ रह रही है। वहीं सरकारी पक्ष ने दलील दी कि लड़की नाबालिग है और उसे बहला-फुसलाकर विवाह के लिए मजबूर किया गया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड या हलफनामे के आधार पर उम्र साबित नहीं की जा सकती। यदि कोई लड़की नाबालिग है, तो उसका खुद को बालिग बताने वाला हलफनामा भी वैध नहीं माना जाएगा।
साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के ‘इंडिपेंडेंट थॉट बनाम भारत संघ (2017)’ फैसले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम एक धर्मनिरपेक्ष कानून है, जो सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होता है।
अंततः कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि मामले की जांच 2006 के अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूरी कर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *