केन नदी का कटान बना काल, रेखा गांव में घर-आंगन निगल रही नदी

रिपोर्ट दिलीप जैन बीरेंद्र गुप्ता
*ग्रामवासियों ने डीएम से मांगा आवासीय पट्टा, जान-माल का खतरा*
*बांदा।- तहसील पैनानी के *ग्राम रेखा में केन नदी का कटान ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
नदी किनारे बसी पूरी बस्ती कटान की चपेट में है। बरसात में हर साल 2-3 मीटर जमीन नदी में समा रही है।
ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी बांदा* को शिकायती पत्र देकर आवासीय पट्टा और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
हर साल गिर रहे हैं मकान*
ग्रामवासी रामबाबू यादव, शकुन्तला, चम्पा, पूजा, गीता* सहित समस्त ग्रामवासी ने बताया कि उनका गांव केन नदी के किनारे कच्ची मिट्टी पर बसा है। बरसात होते ही नदी के किनारे की मिट्टी धंसकर पानी में चली जाती है।
*कटान के कारण कई मकान नदी में गिर गए थे। *कई साल पहले* कटान में एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है।
आए दिन मवेशी भी नदी में गिरकर मर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें और उनके बच्चों को हर पल जान का खतरा बना रहता है।
पहले भी दी थी शिकायत, नहीं हुई सुनवाई*
ग्रामवासियों ने बताया कि खतरे को देखते हुए पिछले वर्ष भी प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब फिर कटान बढ़ गया है।
पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि उनकी परिस्थिति को देखते हुए सभी परिवारों को *नियमानुसार आवासीय पट्टा देकर *आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित स्थान पर अपना जीवन बिता सकें।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो पूरा गांव नदी में समा जाएगा।

