धर्मांतरण गिरोह की डायरी से खुले विदेशी फंडिंग के राज; ईडी और सीबीआई से बचने के कोड वर्ड बरामद!

लखनऊ के भदेसुआ नयाखेड़ा गांव में संचालित अवैध चर्च से पकड़े गए पादरी चंद्रिका पॉस्टर के पास से बरामद दस्तावेजों और डायरी से धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
मामले के मुख्य बिंदु:
ED और CBI से बचने की स्क्रिप्ट: पादरी के पास मिली डायरी में स्पष्ट लिखा है कि यदि कभी विदेशी फंडिंग को लेकर ईडी (ED) या सीबीआई (CBI) की जांच हो, तो अधिकारियों के सामने क्या बोलना है, कितना बोलना है और क्या छुपाना है।
कोड वर्ड और पैसों का लेखा-जोखा: डायरी में ‘शॉप कबूतर’ जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया है। इसमें विदेशी पैसों के 5 उपयोग (शिक्षा, धार्मिक कार्य, चर्च रिपेयरिंग आदि) और गृह मंत्रालय में अकाउंट खोलने व हिसाब-किताब रखने से जुड़े बिंदु दर्ज हैं।
FCRA बिल पर आपातकालीन बैठक: केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नए एफसीआरए (FCRA) बिल को लेकर गिरोह के आकाओं द्वारा 25 जून को बुलाई गई एक गुप्त बैठक की बातें भी डायरी में सामने आई हैं।
पूछताछ के बाद छोड़ा: इतने अहम दस्तावेज मिलने के बावजूद पुलिस के पास कोई लिखित तहरीर न होने के कारण आरोपी पादरी और उसकी पत्नी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। एडीसीपी दक्षिणी रल्लापल्ली बसंथ कुमार के अनुसार, साक्ष्यों की जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा बुलाया जाएगा।

