March 13, 2026

केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में पहली बार जटिल यूरेथ्रोप्लास्टी सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न

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केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में पहली बार जटिल यूरेथ्रोप्लास्टी सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न

प्रयागराज। केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में एक अत्यंत जटिल एवं विशेष प्रकार की सर्जरी लॉन्ग सेगमेंट स्ट्रिक्चर (Bulbo-penile urethra) यूरेथ्रोप्लास्टी सफलतापूर्वक दिनांक 11.03.26 को संपन्न की गई। यह उन्नत शल्य प्रक्रिया अस्पताल में पहली बार की गई है।

यह ऑपरेशन मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एस. के. हंडू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

मरीज भैया लाल (61 वर्ष), निवासी – गौसपुर, कौशाम्बी को सड़क दुर्घटना में गंभीर सिर की चोट एवं पेल्विक फ्रैक्चर हुआ था। इस दुर्घटना में उनके पेनाइल एवं बुलबार भाग की यूरेथ्रा का लंबा हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण मरीज को लंबे समय से डायवर्जन के माध्यम से मूत्र त्याग करना पड़ रहा था।

मरीज की स्थिति को देखते हुए अत्यंत जटिल बुक्कल म्यूकोसल ग्राफ्ट यूरेथ्रोप्लास्टी सर्जरी की योजना बनाई गई, जिसमें मरीज की ओरल कैविटी से बुक्कल म्यूकोसा ग्राफ्ट लेकर नई यूरेथ्रा का निर्माण किया गया। यह अत्यधिक तकनीकी एवं विशेषज्ञता वाली सर्जरी है, जो सामान्यतः निजी अस्पतालों में 3 लाख रुपये से अधिक खर्च में की जाती है।

यह जटिल ऑपरेशन यूरोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक शुक्ला एवं सर्जन डॉ. संजय कुमार द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। एनेस्थीसिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी डॉ. आलोक कुमार यादव (एनेस्थेटिस्ट) ने निभाई।

करीब 3 घंटे से अधिक समय तक चले इस ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. सौरभ मौर्य (हाउस सर्जन), सीनियर नर्सिंग सुपरिटेंडेंट हरीश शर्मा, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट प्रीति, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट अंशिता, मूलचंद, अमित, राजेन्द्र, मन्मोहन, सैफुद्दीन एवं रेखा सहित ऑपरेशन थियेटर की पूरी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस उपलब्धि पर अस्पताल प्रशासन, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एस. के. हंडू एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेन्द्र नाथ ने पूरी सर्जिकल टीम को बधाई देते हुए कहा कि केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में इस तरह की उन्नत सर्जरी होने से क्षेत्र के मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा यहीं उपलब्ध हो सकेगी और उन्हें महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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