October 25, 2026

26 अक्टूबर को मुंडेरा मंडी में होगी चौधरी राकेश टिकैत की किसान क्रांति महापंचायत, किसानों के हक-अधिकारों की लड़ाई को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने उठाईं 12 प्रमुख मांगें

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26 अक्टूबर को मुंडेरा मंडी में होगी चौधरी राकेश टिकैत की किसान क्रांति महापंचायत, किसानों के हक-अधिकारों की लड़ाई को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने उठाईं 12 प्रमुख मांगें

 

प्रयागराज। भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में 26 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज की मुंडेरा मंडी में किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत जी की उपस्थिति में किसान क्रांति महापंचायत आयोजित की जाएगी। महापंचायत में किसानों, मजदूरों एवं ग्रामीणों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, किसानों की फसलों की खरीद, सिंचाई एवं बिजली व्यवस्था, छुट्टा पशुओं की समस्या और संगठन के प्रदेश कार्यालय पर हुए हमले सहित विभिन्न विषयों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने सरकार एवं प्रशासन से जवाबदेही तय करने तथा समस्याओं के समाधान की मांग की है।

भारतीय किसान यूनियन द्वारा किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी प्रयागराज को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में निम्नलिखित 12 प्रमुख मांगें शामिल हैं।

ज्ञापन की 12 प्रमुख मांगें

1. विंध्य एक्सप्रेसवे, रिंग रोड एवं एयरोसिटी परियोजनाओं में किसानों को उचित मुआवजा

प्रयागराज जनपद की फूलपुर एवं हंडिया तहसील सहित संबंधित क्षेत्रों से गुजरने वाले प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे तथा रिंग रोड एवं एयरोसिटी परियोजनाओं से प्रभावित किसानों की भूमि का उचित एवं न्यायसंगत मुआवजा निर्धारित किया जाए। भूमि अधिग्रहण से प्रभावित गांवों में खुली बैठक आयोजित कर किसानों को परियोजना, अधिग्रहण प्रक्रिया एवं मुआवजे की पूरी जानकारी दी जाए तथा उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। रिंग रोड के लिए अधिग्रहित भूमि का नियमानुसार उचित प्रतिकर दिया जाए, सर्किल रेट का पुनरीक्षण किया जाए तथा दोनों ओर 50 मीटर तक प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट में आने वाली भूमि के लिए भी नियमानुसार मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 सहित लागू कानूनों के प्रावधानों का पालन करते हुए किसानों के हितों की रक्षा की जाए।

2. भारतीय किसान यूनियन युवा के प्रदेश कार्यालय पर हमले के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी

19 अक्टूबर 2026 को शाम लगभग 5:30 बजे प्रयागराज में ट्रिपल आईटी के पास स्थित भारतीय किसान यूनियन युवा, उत्तर प्रदेश के प्रदेश कार्यालय पर कथित तौर पर 15–20 लोगों द्वारा लाठी-डंडों एवं धारदार हथियारों से लैस होकर हमला किया गया। आरोप है कि कार्यालय में मौजूद पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई तथा कार्यालय में रखी ₹2,70,000 की चंदा राशि लूट ली गई। इस मामले में थाना एयरपोर्ट, प्रयागराज में नामजद आरोपियों एवं अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। संगठन का आरोप है कि घटना में शामिल लोग कार्यकर्ताओं को फोन पर धमकियां दे रहे हैं तथा किसान बैठकों, धरना-प्रदर्शनों एवं महापंचायत में शामिल होने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। महापंचायत के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए संगठन ने सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। भारतीय किसान यूनियन मांग करती है कि सभी नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा प्रदेश कार्यालय एवं कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कार्रवाई नहीं होने पर संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन, विरोध-प्रदर्शन एवं चक्का जाम करने के लिए बाध्य होगा।

3. जल सत्याग्रह आंदोलन की 20 मांगों का निस्तारण एवं किसानों पर दर्ज 12 मुकदमों की वापसी

जुलाई 2026 में संगम तट पर आयोजित जल सत्याग्रह आंदोलन से संबंधित ज्ञापन में शामिल सभी 20 मांगों का जिला प्रशासन शीघ्र निस्तारण करे। संगठन का आरोप है कि आंदोलन समाप्त कराने के उद्देश्य से किसानों के विरुद्ध मात्र एक घंटे के भीतर 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। भारतीय किसान यूनियन इन मुकदमों को वापस लेने तथा आंदोलन से संबंधित सभी समस्याओं का समाधान करने की मांग करती है। यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन कर किसानों की समस्याओं एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली से मुख्यमंत्री को अवगत कराएगा।

4. प्रयागराज एवं कौशांबी में धान की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाए

प्रयागराज एवं कौशांबी जनपद में किसानों के धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित की जाए। पर्याप्त संख्या में धान क्रय केंद्र खोले जाएं, ताकि किसान अपनी उपज सीधे सरकारी केंद्रों पर बेच सकें। क्रय केंद्रों पर बिचौलियों एवं दलालों के हस्तक्षेप पर रोक लगाई जाए। किसानों के धान की नियमानुसार समय से तौल, खरीद की रसीद एवं भुगतान सुनिश्चित किया जाए। खरीद प्रक्रिया में लापरवाही बरतने तथा किसानों को अनावश्यक परेशान करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

5. प्राकृतिक आपदा एवं तूफान से नष्ट फसलों का उचित मुआवजा

हाल ही में प्राकृतिक आपदा एवं तूफान के कारण नष्ट हुई धान एवं गन्ने की फसलों से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की जाए। प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का निष्पक्ष सर्वेक्षण कराकर पात्र किसानों को फसल बीमा योजना एवं प्राकृतिक आपदा राहत के लागू प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।

6. ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति

ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि ट्यूबवेल फीडर से जुड़े घरेलू उपभोक्ताओं को मात्र 8–10 घंटे बिजली मिल पा रही है। अतः ऐसे सभी घरेलू उपभोक्ताओं को पृथक घरेलू फीडर से जोड़ने की व्यवस्था की जाए तथा प्रतिदिन कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसानों को कृषि कार्य एवं सिंचाई के लिए भी पर्याप्त और नियमित बिजली उपलब्ध कराई जाए।

7. सरकारी समितियों पर खाद एवं गुणवत्तापूर्ण बीज की पर्याप्त उपलब्धता

गेहूं की बुवाई के मद्देनजर सरकारी समितियों पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज एवं खाद उचित दरों पर उपलब्ध कराई जाए। खाद-बीज की किल्लत, कालाबाजारी एवं अनियमित वितरण पर रोक लगाई जाए, ताकि किसानों को बुवाई के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

8. नहरों की सफाई एवं टेल तक पर्याप्त पानी की व्यवस्था

गेहूं की बुवाई एवं अन्य कृषि कार्यों के लिए नहरों की समय से सफाई कराई जाए। नहरों के अंतिम छोर यानी टेल तक पर्याप्त पानी पहुंचाने तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए परेशान न होना पड़े और कृषि कार्य समय पर पूरे हो सकें।

9. खराब सरकारी नलकूपों की तत्काल मरम्मत

ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से खराब पड़े सरकारी नलकूपों की पहचान कर उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा उन्हें चालू कराया जाए। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त सुविधा मिलेगी और निजी सिंचाई संसाधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

10. किसान सम्मान निधि की लंबित समस्याओं का समाधान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों के लंबित आवेदनों, रुके हुए भुगतान एवं अन्य तकनीकी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण किया जाए। पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि किसान अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर न हों।

11. ग्रामीण सड़कों की मरम्मत एवं खेतों के चकरोड अतिक्रमण मुक्त हों

गांवों की जर्जर सड़कों की मरम्मत कराई जाए तथा खेतों तक जाने वाले चकरोडों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। ग्रामीण संपर्क मार्गों को आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि किसानों को खेतों तक पहुंचने, कृषि कार्य करने और अपनी उपज मंडियों तक ले जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

12. छुट्टा पशुओं की गंभीर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई

ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशुओं के कारण किसानों की खड़ी फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हो रही हैं। किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त सड़कों पर घूमते छुट्टा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं एवं जनहानि का खतरा भी बना रहता है। अतः पर्याप्त गौशालाओं की व्यवस्था की जाए, उनमें पशुओं के चारे, पानी एवं उचित देखरेख का प्रबंध सुनिश्चित किया जाए तथा छुट्टा पशुओं को खुले में छोड़ने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। किसानों की फसलों एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

26 अक्टूबर की महापंचायत में उठेंगे किसानों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे

भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई से होना चाहिए। भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, किसानों की फसलों की खरीद, सिंचाई एवं बिजली की व्यवस्था, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत और ग्रामीण समस्याओं का समाधान कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

संगठन ने प्रदेश कार्यालय पर हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी, कार्यकर्ताओं की सुरक्षा तथा जल सत्याग्रह आंदोलन से संबंधित मांगों पर भी तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

26 अक्टूबर 2026 को मुंडेरा मंडी, प्रयागराज में होने वाली किसान क्रांति महापंचायत में चौधरी राकेश टिकैत जी की उपस्थिति में किसानों के इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन ने प्रदेशभर के किसानों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में पहुंचने की अपील की है।

संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं की अनदेखी होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर विरोध-प्रदर्शन एवं चक्का जाम जैसे कदम उठाए जाएंगे।

भारतीय किसान यूनियन का आह्वान है—किसानों के हक, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों और 26 अक्टूबर को मुंडेरा मंडी, प्रयागराज पहुंचकर किसान क्रांति महापंचायत को सफल बनाएं।

 

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