विश्व पर्यावास दिवस पर गंगा टास्क फोर्स ने चार शहरों में चलाए जागरूकता अभियान

स्वच्छ पर्यावास और नदी संरक्षण का संदेश देने के लिए लगभग 1,200 लोगों ने की सहभागिता

प्रयागराज। विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर गंगा टास्क फोर्स के नाम से प्रसिद्ध 137 कम्पोजिट इकोलॉजिकल टास्क फोर्स बटालियन (प्रादेशिक सेना), 39 गोरखा राइफल्स ने प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और लखनऊ में जागरूकता अभियान आयोजित किए। इस पहल के माध्यम से स्वच्छ एवं टिकाऊ पर्यावास, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

ये अभियान प्रयागराज के काली घाट, वाराणसी के आदमपुर स्थित SHEAT पब्लिक स्कूल, कानपुर के सरसौल स्थित शिवनाथ शिवदास मौर्य इंटर कॉलेज तथा लखनऊ के कुड़िया घाट पर आयोजित किए गए। इनमें गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों सहित लगभग 1,200 लोगों ने सक्रिय भागीदारी की।

अभियानों के दौरान स्वच्छता, प्रदूषण की रोकथाम, कचरे के जिम्मेदार निस्तारण तथा गंगा और गोमती नदियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई। प्रतिभागियों को स्वच्छ नदियों, साफ-सुथरे परिवेश और इन जलस्रोतों पर निर्भर समुदायों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के बीच गहरे संबंध से अवगत कराया गया।

इस पहल में सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने, प्रदूषण रोकने और कचरे का उचित प्रबंधन करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण को साझा जिम्मेदारी मानते हुए दैनिक जीवन में छोटे लेकिन नियमित प्रयासों के माध्यम से योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यार्थियों की सहभागिता ने युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया। विद्यार्थी स्वच्छता और संरक्षण का संदेश अपने परिवारों एवं आसपास के समुदायों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी ने भी स्वच्छ एवं स्वस्थ परिवेश के निर्माण में सामूहिक प्रयासों के महत्व को मजबूत किया।
शिक्षण संस्थानों और नदी तटों पर आयोजित इन अभियानों के माध्यम से गंगा टास्क फोर्स ने विश्व पर्यावास दिवस के संदेश को स्थानीय पर्यावरण संबंधी मुद्दों से जोड़ा। इस पहल ने जन-जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार के माध्यम से नदियों तथा उनके आसपास के पर्यावास की रक्षा करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
इन अभियानों ने पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के प्रति गंगा टास्क फोर्स की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया। स्वच्छ भारत के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए इस पहल ने नागरिकों को स्वच्छ पर्यावास, स्वस्थ नदियों और टिकाऊ पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

