August 15, 2026

जिन्होंने समाप्त किया उत्तर प्रदेश से अपराधियों का खौफ, एडीजी अमिताभ यश के नेतृत्व में वीरता पदकों की बारिश…

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जिन्होंने समाप्त किया उत्तर प्रदेश से अपराधियों का खौफ, एडीजी अमिताभ यश के नेतृत्व में वीरता पदकों की बारिश…

लखनऊ- उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों का जिक्र आते ही जिस एक नाम से बड़े-बड़े माफियाओं और गैंगस्टरों की रूह कांप उठती है, वह है— यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स)। और इस खौफ के पीछे जो असल चाणक्य हैं, वो हैं अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) अमिताभ यश। आज यूपी एसटीएफ की धाक इस कदर है कि इसे महाराष्ट्र पुलिस से भी ज्यादा सख्त और ‘टफ’ पुलिसिंग के लिए जाना जाता है।
यह एडीजी अमिताभ यश के सटीक निर्देशों, उनके अचूक रणनीतिक कौशल और अपनी टीम की लगातार हौसला अफजाई का ही नतीजा है कि यूपी एसटीएफ की झोली एक बार फिर सर्वोच्च ‘राष्ट्रपति वीरता पदकों’ से भर गई है। आज प्रदेश में जहां कई पुलिस यूनिट्स एक अदद महानिदेशक पदक तक के लिए तरस जाती हैं, वहीं अमिताभ यश के कुशल मार्गदर्शन में एसटीएफ के शूरवीरों ने पदकों का अंबार लगा दिया है। आज एसटीएफ का एक अघोषित लेकिन सीधा उसूल बन चुका है— अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर उसकी फाइल एसटीएफ मुख्यालय तक पहुंच गई और उसने पुलिस पर गोली चलाने की जुर्रत की, तो उसका नर्क लोक जाना तय है। हालांकि, अपराधियों के सफाए के इस साहसिक सफर में सिर्फ बदमाशों का ही अंत नहीं हुआ है, बल्कि फर्ज की वेदी पर एसटीएफ के कई जांबाज पुलिसकर्मियों ने हंसते-हंसते वीरगति भी प्राप्त की है।
*12 जांबाजों को राष्ट्रपति का वीरता पदक…*
इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस के 12 रणबांकुरों को उनके अदम्य साहस के लिए ‘राष्ट्रपति के वीरता पदक’ से सम्मानित किया गया है। इसमें मुरादाबाद के डीआईजी जी. मुनिराज का नाम भी शामिल है, जिन्हें उनके उत्कृष्ट और साहसिक कार्य के लिए गैलेंट्री मेडल से नवाजा गया है।
*मेरठ यूनिट का दबदबा, आसिफ टिड्डा और दीनू का किया था अंत…*
इस सम्मान समारोह में सबसे ज्यादा चमकी है यूपी एसटीएफ की मेरठ यूनिट, जिसके 5 जांबाजों ने राष्ट्रपति का वीरता पदक अपने नाम किया है। 10 नवंबर 2025 की वह तारीख मुरादाबाद और पश्चिमी यूपी के जहन में आज भी ताजा है, जब एसटीएफ ने 1 लाख रुपये के इनामी सुपारी किलर आसिफ टिड्डा और उसके साथी 50 हजार के इनामी दीनू को एक भीषण मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। आसिफ टिड्डा कोई मामूली गुंडा नहीं था; उस पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और वसूली के 66 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। वहीं उसके साथी दीनू पर भी 23 संगीन मुकदमे थे। इस दुर्दांत जोड़ी का आतंक खत्म करने वाली एसटीएफ की मेरठ यूनिट के प्रभारी एडिशनल एसपी बृजेश सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और संजय सिंह को उनके इसी अदम्य साहस और सफल ऑपरेशन के लिए गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया है।
*दुजाना एनकाउंटर: शहादत को सलाम और एक सिपाही का ऐतिहासिक कारनामा*
वहीं, 4 मई 2023 को मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में खूंखार गैंगस्टर अनिल दुजाना के साथ हुई उस खौफनाक मुठभेड़ को भुलाया नहीं जा सकता। इस ऑपरेशन में एसटीएफ की टीम ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह पुलिसिंग के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इस मुठभेड़ में हमारे बहादुर इंस्पेक्टर सुनील कुमार बदमाशो से लोहा लेते हुए हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। खूंखार दुजाना का अंत करने वाली इस टीम के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को राष्ट्रपति का वीरता पदक प्रदान किया गया है। शहीद सुनील कुमार का यह पदक उनके सर्वोच्च बलिदान का सम्मान है।
इस पूरी फेहरिस्त में जो एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह है मेरठ यूनिट में तैनात हेड कांस्टेबल दीपक कुमार का। दीपक कुमार ने पुलिस महकमे में वह कारनामा कर दिखाया है, जो विरले ही कर पाते हैं। उन्हें एक साथ राष्ट्रपति के दो गैलेंट्री मेडल से नवाजा गया है— पहला पदक कुख्यात अनिल दुजाना एनकाउंटर के लिए और दूसरा आसिफ टिड्डा एनकाउंटर के लिए। एक ही सिपाही की छाती पर सजे ये दो सर्वोच्च पदक एसटीएफ की मारक क्षमता और जांबाजी की गवाही दे रहे हैं।
*नेतृत्व को सलाम और जांबाजों को शुभकामनाएं..*
एडीजी अमिताभ यश का नेतृत्व ही वह पारस पत्थर है, जिसके स्पर्श से यूपी एसटीएफ का हर जवान फौलाद बन चुका है। एक सच्चे सेनापति की तरह उन्होंने हमेशा अपनी टीम के साथ खड़े रहकर उन्हें विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में लड़ने का हौसला दिया है।
हम अपनी ओर से एडीजी एलओ/ एसटीएफ अमिताभ यश के इस बेमिसाल और बेखौफ नेतृत्व को सलाम करते हैं। साथ ही, उनके कुशल निर्देशन में वीरता का यह सर्वोच्च मुकाम हासिल करने वाले एडिशनल एसपी बृजेश सिंह, डीआईजी जी. मुनिराज, ‘डबल मेडल विजेता’ जांबाज दीपक कुमार, संजय सिंह सहित पदक विजेता सभी 12 पुलिसकर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की शहादत और उनके अदम्य साहस को यह देश हमेशा नमन करेगा। यूपी एसटीएफ यूं ही प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के अपने संकल्प पर अडिग रहे, यही मंगलकामना है।

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