प्रयागराज के आइटेक जोन केंद्र पर 29 और 30 मई को होने वाली परीक्षा भी स्थगित
प्रयागराज के आइटेक जोन केंद्र पर 29 और 30 मई को होने वाली परीक्षा भी स्थगित
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की कांस्टेबल जीडी-2026 परीक्षा में प्रयागराज के झूंसी स्थित सुनीता सिंह सीता सिंह महिला महाविद्यालय का आइटेक जोन केंद्र अव्यवस्थाओं के कारण लगातार विवादों के घेरे में है।
इस परीक्षा केंद्र पर 29 और 30 मई को होने वाली परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है। प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा अब 29, 30 और 31 मई को अलग-अलग केंद्रों पर कराई जाएगी। एसएससी मध्य क्षेत्र प्रयागराज की ओर से परीक्षा स्थगन से संबंधित सूचना बुधवार को जारी की गई है। प्रभावित अभ्यर्थियों के नए प्रवेश पत्र एसएससी मुख्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
लगातार सामने आ रही थी अव्यवस्था
अभ्यर्थियों से नियमित रूप से वेबसाइट देखते रहने और संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा में शामिल होने को कहा गया है। यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी केंद्र पर पिछले कुछ दिनों से लगातार अव्यवस्था सामने आ रही थी। 25 मई को क्षमता से लगभग दोगुना अभ्यर्थियों के केंद्र निर्धारित करने पर उनके पहुंचने से द्वितीय और तृतीय पाली की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी।
परीक्षा न हो पाने से नाराज अभ्यर्थियों ने हंगामा कर तोड़फोड़ की थी। इसके बाद 26 मई को भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। तकनीकी कारणों से परीक्षा करीब 20 मिनट देरी से शुरू हुई, लेकिन परीक्षा समाप्त होने से लगभग 25 मिनट पहले ही सिस्टम बंद हो गए।
कई अभ्यर्थी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए। इस पर फिर अभ्यर्थियों ने तोड़फोड़, चक्का जाम किया। ऐसे में एसएससी ने 26 मई की सभी पालियों की परीक्षा रद कर 27 मई की परीक्षा भी स्थगित कर दी थी। लगातार गड़बड़ियों को देखते हुए एसएससी मध्य क्षेत्र ने इस केंद्र की 29 और 30 मई की परीक्षा भी स्थगित कर दी।
अव्यवस्था की भेंट न चढ़े अभ्यर्थियों की मेहनत
उत्तर प्रदेश और बिहार के 41 केंद्रों पर यह परीक्षा कराई जा रही है, जिनमें अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा अपेक्षाकृत सामान्य रही। ऐसे में प्रयागराज के इसी केंद्र पर बार-बार गड़बड़ी होना यह संकेत देता है कि समस्या केवल सामान्य तकनीकी खराबी से हटकर केंद्र स्तर की व्यवस्थागत कमजोरी भी हो सकती है।
अधिकारियों के अनुसार कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सर्वर, सिस्टम, बिजली बैकअप, बैठने की क्षमता और अभ्यर्थियों की एंट्री व्यवस्था बेहद अहम होती है। यदि इनमें से किसी भी स्तर पर कमी रह जाए तो पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है।
इधर, अभ्यर्थियों ने मांग की है कि परीक्षा केंद्रों की पूर्व जांच और क्षमता के अनुरूप ही आवंटन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी मेहनत अव्यवस्था की भेंट न चढ़े।

