जमीन विवाद में पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप, डीएम और पुलिस कमिश्नर से निष्पक्ष जांच की मांग

प्रयागराज। बारा तहसील के लालापुर थाना क्षेत्र में जमीन विभाग में पुलिस द्वारा एक पक्ष में सीधे खड़े होने पर उठा सवाल। दुर्व्यवहार तथा गैरकानूनी कार्रवाई पर जांच कर कार्रवाई की मांग ।
मामले को लेकर अधिवक्ता अखिलेश त्रिपाठी ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में प्रेसवार्ता कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अधिवक्ता अखिलेश त्रिपाठी के मुताबिक, तीन सितंबर को पुलिस टीम मौके पर पहुँची। उनका आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में उनकी पुरानी आबादी की भूमि पर मौजूद कब्जे को हटाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उन्हें थाने ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे तक बैठाए रखा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामला मूल रूप से दीवानी विवाद से जुड़ा है, ऐसे में पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित होनी चाहिए। घटना के दौरान बनाए गए वीडियो को भी उनके मोबाइल से कथित तौर पर डिलीट किए जाने का आरोप उन्होंने लगाया।
उन्होंने दूसरे पक्ष के संबंध पुलिस विभाग से होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी प्रभाव के चलते पुलिस पर दबाव बनाकर भूमि संबंधी विवाद में हस्तक्षेप कराया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि एसडीएम स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जाकर राजस्व अभिलेखों और वास्तविक स्थिति की जांच करें। उनका कहना है कि यदि भूमि पर उनका दावा गलत पाया जाता है तो वह कार्रवाई स्वीकार करने को तैयार हैं, लेकिन जांच निष्पक्ष होनी चाहिए।

