प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएम एफएमई) के तहत पिछले दो साल में 16 हजार यूनिट स्थापित कर उत्तर प्रदेश, देश में टाप पर
प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएम एफएमई) के तहत पिछले दो साल में 16 हजार यूनिट स्थापित कर उत्तर प्रदेश, देश में टाप पर

लखनऊ:25 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना
में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने पर अधिक से अधिक फोकस करने की आवश्यकता पर बल दिया है । फूड प्रोसेसिंग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उद्यम लगाने में उन्हें सहयोग करने व प्रेरित करने हेतु कॉमन इन्क्यूबेशन सेन्टर्स का उपयोग किया जाय।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी एल मीणा ने बताया कि उप मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में प्रदेश में
प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएम एफएमई) के क्रियान्वयन में क्रांति आई है। बताया कि प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएम एफएमई) के तहत भारत सरकार द्वारा अब तक कुल 31335 यूनिट स्थापित करने हेतु लक्ष्य उत्तर प्रदेश को प्रदान किया गया है, जिसके सापेक्ष लगभग 27 हजार यूनिट स्थापित करने हेतु ऋण स्वीकृत हो गया है। इनकी लागत औसतन 4 लाख है।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पिछले 2 साल में 16000 यूनिट स्थापित कर उत्तर प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है
पीएम एफएमई योजनान्तर्गत स्टार्टअप आधारित नवीन टेक्नॉलॉजी के माध्यम से उद्योगों की स्थापना करने, प्रदेश की स्वयं सहायता समूहाँ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में 14 स्थान मेरठ, सहारनपुर, आगरा, बरेली, झांसी, लखनऊ, कौशांबी, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, वाराणसी, मिर्जापुर, अलीगढ़ तथा कानपुर देहात में कॉमन इन्क्यूबेशन सेन्टर्स की स्थापना की गई है। कॉमन इन्क्यूबेशन सेन्टर्स में दुग्ध, बेकरी, पेठा, नमकीन, मस्टर्ड ऑयल, मैंगों, हल्दी, आर०टी०ई०, तुलसी, अमरूद प्रसंस्करण आदि पर आधारित 46 प्रोसेसिंग लाईनों की स्थापना की गई हैं।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में भारत सरकार द्वारा 9000 यूनिट स्थापित किये जाने का लक्ष्य प्रदान किया गया है। अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्री बी एल मीणा द्वारा लक्ष्य पूर्ति हेतु जनपदीय रिसोर्स पर्सन, जिला उद्यान अधिकारियों, प्रधानाचार्य/खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी एवं बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया कि वे अधिक से अधिक आवेदन कराकर ऋण स्वीकृति सुनिश्चित करायें।
अपर मुख्य सचिव द्वारा बताया गया कि पिछले दिनों बैंकों की समीक्षा उपरांत पाया गया कि बैंकों के स्तर पर 7 हजार से अधिक आवेदन ऋण स्वीकृति हेतु लम्बित हैं, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया , पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, एच०डी०एफ०सी० बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ इण्डिया, केनरा बैंक व इण्डियन बैंक में ऋण स्वीकृति हेतु लम्बित है, सम्बन्धित बैंक के प्रतिनिधियों को लम्बित आवेदनों की सूची उपलब्ध कराते हुए उनके शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया है।
डी०एल०सी० स्तर पर लम्बित आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही करने हेतुसमस्त जिला उद्यान अधिकारी/खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी/प्रधानाचार्य/फल संरक्षण अधिकारीयों को
निर्देशित किया गया है। जनपदीय रिसार्स पर्सन को निर्देशित किया गया है कि वे नवीन आवेदनों का प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएम एफएमई) योजना के साथ-साथ एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड (ए०आई०एफ) में कन्वर्जन्स कराना सुनिश्चित करें। समस्त डी०आरपी०/डी०आर०ओ० उप निदेशक, खा०प्र०को निर्देशित किया गया है कि वे अधिक से अधिक यूनिटों का फार्मालीईजेशन कराया जाना सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएम एफएमई) योजनान्तर्गत अग्रणी 20 जनपदों के डी०आर०पी०, जिला उद्यान अधिकारी, सम्बन्धित बैंक के प्रतिनिधि एवं जनपद के मुख्य विकास अधिकारी को सम्मानित करने निर्णय लिया गया है।
जनपदीय रिसोर्स पर्सन के मानदेय का भुगतान शीघ्र करने हेतु फल उद्योग विकास अधिकारी/उप निदेशक,( खा०प्र०) को निर्देशित किया गया है

