लखनऊ-हरदोई में 1000 एकड़ पर बनेगा ‘पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क’, 1 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
लखनऊ-हरदोई में 1000 एकड़ पर बनेगा ‘पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क’, 1 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

1000 एकड़ पर PPP मॉडल से होगा विकास, मास्टर डेवलपर चयन हेतु संशोधित बिड अभिलेखों को मिली मंजूरी
लखनऊ, 25 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लखनऊ-हरदोई की सीमा पर 1000 एकड़ (404.69 हेक्टेयर) भूमि पर ‘पीएम मित्र मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र एवं परिधान पार्क’ के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। सरकार ने PPPAC और प्री-बिड बैठकों के सुझावों को शामिल करते हुए मास्टर डेवलपर के चयन हेतु संशोधित RFP-cum-RFQ और ड्राफ्ट कंसेशन एग्रीमेंट के अनुमोदन को मंजूरी दे दी है।
प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 5F विजन – फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन, फैशन से फॉरेन तक को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश में पीएम मित्र पार्क मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश के वस्त्र उद्योग को नई वैश्विक पहचान मिलेगी। इस टेक्सटाइल पार्क की स्थापना से लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा तथा आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और व्यापार का बेहतरीन वातावरण तैयार होगा।
प्रमुख सचिव अनिल सागर ने बताया कि देश भर में सात मेगा वस्त्र एवं परिधान पार्क विकसित करने की योजना के तहत उत्तर प्रदेश में इस पार्क की स्थापना की जा रही है। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए ‘पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड’ नाम से एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन किया जा चुका है। इस SPV में उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत तथा भारत सरकार की 49 प्रतिशत अंशधारिता है।
राज्य सरकार पार्क हेतु 1,000 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के साथ प्रवेश द्वार तक सिक्स-लेन सड़क संपर्क, विद्युत एवं जलापूर्ति जैसी बाह्य अवस्थापना सुविधाओं का विकास करेगी। भूमि को SPV को 99 वर्ष की लीज पर मात्र ₹1 प्रति एकड़ प्रतिवर्ष की दर से हस्तांतरित किया गया है। वहीं, भारत सरकार का वस्त्र मंत्रालय ग्रीनफील्ड पार्क परियोजना के तहत कुल लागत का 30 प्रतिशत (अधिकतम ₹500 करोड़) अनुदान प्रदान करेगा।
पार्क का विकास, विपणन, संचालन एवं रखरखाव सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) के आधार पर चयनित मास्टर डेवलपर द्वारा किया जाएगा। यह परियोजना ‘डिजाइन, निर्माण, वित्त-पोषण, संचालन और हस्तांतरण’ (DBPOT) मॉडल पर आधारित है, जिसे 50 वर्षों की रियायत अवधि के लिए मास्टर डेवलपर को सौंपा जाएगा।
मास्टर डेवलपर पार्क के भीतर आंतरिक सड़कें, विद्युत वितरण, जल एवं अपशिष्ट जल शोधन सुविधाएं, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज के साथ कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP with ZLD), कॉमन बॉयलर, रेडी-टू-यूज फैक्ट्री शेड्स, इन्क्यूबेशन सेंटर, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स, श्रमिकों विशेषकर महिला श्रमिकों के लिए हॉस्टल व आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करेगा।

