बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने अधिवक्ताओं के लिए सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (COP) आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की
प्रयागराज स्थित बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने अधिवक्ताओं के लिए सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (COP) आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है।

जारी नए निर्देशों के अनुसार, 1 सितंबर 2026 से COP से जुड़े सभी डेक्लेरेशन, वेरीफिकेशन और री-इश्यू फॉर्म केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए अधिवक्ताओं को बार काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट upbarcouncil.in पर जाना होगा।
बार काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर 2026 की समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में भौतिक (हार्ड कॉपी) आवेदन या कागजी प्रपत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया के साथ-साथ निर्धारित शुल्क का भुगतान भी पूरी तरह से ऑनलाइन ही करना अनिवार्य होगा। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य COP आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और त्वरित बनाना है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से उत्तर प्रदेश के हजारों अधिवक्ताओं को प्रयागराज स्थित बार काउंसिल कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदन जमा करने से लेकर COP प्रमाण पत्र जारी होने तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल रहेगी। अधिवक्ता अपना COP सर्टिफिकेट सीधे आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। बार काउंसिल ने सभी संबंधित अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा का ध्यान रखते हुए सही विवरण दर्ज कर समय पर आवेदन पूरा करें।

