August 24, 2026

शिक्षामित्र बच्चों को गांव से राजमार्ग पार कराते हुए सुरक्षित विद्यालय तक ले जाने तथा विद्यालय से वापस गांव तक छोड़ने की जिम्मेदारी निभाएंगे

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– मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने जसरा ब्लॉक स्थित बड़ी काटी गांव की गौशाला का औचक निरीक्षण किया। गौशाला में गंभीर अव्यवस्थाएं एवं लापरवाही मिलने पर संबंधित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने तथा संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।

– पूर्व में सभी गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित न किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी, प्रयागराज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

– बारिश एवं गौशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखते हुए गोवंश को तत्काल सुरक्षित, सूखे एवं समुचित व्यवस्थाओं से युक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।

– बड़ी काटी स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की कम उपस्थिति पर संबंधित प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए एक शिक्षामित्र की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। शिक्षामित्र बच्चों को गांव से राजमार्ग पार कराते हुए सुरक्षित विद्यालय तक ले जाने तथा विद्यालय से वापस गांव तक छोड़ने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

 

 

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने आज जसरा ब्लॉक स्थित बड़ी काटी गांव की गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में व्यापक स्तर पर गंदगी एवं गंभीर अव्यवस्थाएं मिलीं। परिसर में जगह-जगह गोबर, सिल्ट एवं कूड़ा जमा था, नालियां अवरुद्ध थीं तथा बारिश के कारण कई स्थानों पर गीलापन एवं जलभराव की स्थिति थी। गोवंश के बैठने के स्थान भी अत्यंत गंदे और अस्वच्छ पाए गए। साफ-सफाई, खाने-पीने, रहने तथा गोवंश के समुचित रख-रखाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कई गोवंश खुले में इधर-उधर घूमते और बिना देखभाल के पाए गए। कुछ गोवंश घायल अवस्था में भी मिले, लेकिन उनके उपचार एवं देखभाल के लिए मौके पर समुचित व्यवस्था नहीं थी।

गौशाला में कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत के दौरान मंडलायुक्त को अवगत कराया गया कि उन्हें कई माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले चार माह से भूसे की आपूर्ति भी नहीं हुई है और वर्तमान में लगभग 10 दिन का ही भूसा शेष है। यह भी बताया गया कि उन्हें दिया जा रहा मानदेय मनरेगा के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। कर्मचारियों की समस्याओं एवं गौशाला की व्यवस्थाओं की स्थिति पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

गौशाला में मिली गंभीर अनियमितताओं एवं लापरवाही के दृष्टिगत संबंधित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में सभी गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित न किए जाने पर मंडलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारी, प्रयागराज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

बारिश एवं गौशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखते हुए मंडलायुक्त ने सभी गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए, जहां पर्याप्त शेड, भूसा, चारा, पेयजल, उपचार एवं गोवंश के समुचित रख-रखाव की अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हों।

इसके अतिरिक्त, मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को जनपद की सभी गौशालाओं का सत्यापन एवं स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जहां भी जलभराव, गीलापन अथवा अन्य अव्यवस्थाएं पाई जाएं, वहां से गोवंश को तत्काल सुरक्षित, सूखे एवं सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से युक्त स्थान पर स्थानांतरित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंश के संरक्षण एवं देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजमार्ग पार कर विद्यालय जाने की समस्या का लिया संज्ञान

गौशाला से लौटते समय मंडलायुक्त ने बड़ी काटी गांव में एक स्थान पर बड़ी संख्या में बच्चों को एकत्रित देखा। उन्होंने वाहन रुकवाकर बच्चों एवं ग्रामीणों से जानकारी ली। बताया गया कि बड़ी काटी स्थित प्राथमिक विद्यालय गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर है और विद्यालय जाने के लिए बच्चों को राजमार्ग पार करना पड़ता है। हाल ही में राजमार्ग पार करते समय दो बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने और घायल होने की घटना के बाद छोटे बच्चे भयभीत हैं तथा बड़ी संख्या में बच्चों ने विद्यालय जाना बंद कर दिया है।

बच्चों की बड़ी संख्या में अनुपस्थिति की जानकारी पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही, बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देशित किया कि एक शिक्षामित्र की ड्यूटी लगाई जाए, जो बच्चों को गांव से राजमार्ग पार कराते हुए सुरक्षित विद्यालय तक ले जाए और विद्यालय से वापस गांव तक छोड़ने की जिम्मेदारी निभाए।

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