एनटीपीसी रिहंद में श्रमिकों का हंगामा, सीआईएसएफ पर मारपीट व दुर्व्यवहार के आरोप

केबल चोरी के संदेह में कार्रवाई का आरोप, सैकड़ों मजदूर पहुंचे थाने; निष्पक्ष जांच और माफी की मांग

रिपोर्ट मनोज सिंह राणा
बीजपुर/सोनभद्र। एनटीपीसी रिहंद परियोजना में श्रमिकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद के बाद सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। पावर टानिक्स कंपनी के श्रमिकों ने सीआईएसएफ एवं विजिलेंस कर्मियों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
श्रमिकों के अनुसार, शनिवार को प्लांट परिसर के भीतर केबल चोरी के संदेह को लेकर कुछ मजदूरों से पूछताछ की गई। आरोप है कि इसी दौरान कुछ सुरक्षा कर्मियों द्वारा बंद कमरे में श्रमिकों के साथ हाथापाई और अभद्र व्यवहार किया गया। घटना के अगले दिन अवकाश होने के कारण श्रमिक घर चले गए, लेकिन सोमवार सुबह जब वे ड्यूटी पर पहुंचने के लिए मैटेरियल गेट पहुंचे तो कथित रूप से उन्हें चिन्हित कर दोबारा धमकाया गया। इससे नाराज श्रमिकों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आक्रोशित श्रमिकों का कहना था कि वे निर्दोष हैं और बिना ठोस साक्ष्य के उन पर चोरी का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट की गई। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे मीडिया के समक्ष अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे थे, तब उन्हें रोकने और धक्का-मुक्की की कोशिश की गई।
विवाद बढ़ने पर सैकड़ों श्रमिक सोमवार सुबह करीब 11 बजे बीजपुर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराने की मांग की। इस दौरान थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराई जाएगी तथा लिखित तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
श्रमिकों ने मांग की है कि जिन लोगों ने कथित रूप से उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की है, वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उनका कहना है कि किसी भी संदिग्ध मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, न कि निर्दोष श्रमिकों के साथ बल प्रयोग किया जाना चाहिए।
घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। फिलहाल मामले को लेकर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

