इनर रिंग रोड (चरण-2): शहर के विकास की नई जीवनरेखा
इनर रिंग रोड (चरण-2): शहर के विकास की नई जीवनरेखा

प्रयागराज की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और बाधा मुक्त बनाने की दिशा में एनएचएआई (NHAI) द्वारा शुरू किया गया इनर रिंग रोड का दूसरा चरण शहर के बुनियादी ढांचे के लिए एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा। लगभग ₹4,500 करोड़ की लागत वाली यह 41.662 किमी लंबी परियोजना सोरांव के माधोपुर से शुरू होकर करछना के अमिलिया गांव तक विस्तृत होगी, जो सोरांव, सदर और करछना तहसीलों के 41 गांवों को आपस में जोड़ते हुए शहर के बाहरी छोर पर एक मजबूत गलियारा प्रदान करेगी। इस महात्वाकांक्षी मार्ग के निर्माण के लिए करीब 300 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया और सर्वे सितंबर 2026 तक गति पकड़ने की उम्मीद है। तकनीकी दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत उन्नत होगा, जिसमें गंगा और यमुना नदियों पर दो विशाल सिक्स-लेन पुलों के साथ-साथ कई फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों जैसे सिविल लाइंस और नैनी को भारी वाहनों के जाम से मुक्ति दिलाना है, जिससे न केवल स्थानीय यात्रा सुगम होगी बल्कि भविष्य में नए लॉजिस्टिक हब और व्यावसायिक केंद्रों के विकसित होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी एक नई ऊर्जा मिलेगी।

