यूपी में पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को लगा तगड़ा झटका,देरी से होंगे पंचायत चुनाव,निर्वाचन आयोग की इस चिट्ठी ने बिगाड़ दिया खेल

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को तगड़ा झटका लगा है।यूपी में अब पंचायत चुनाव देरी से ही होंगे।मौजूदा पंचायत का कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म होगा।पंचायत चुनाव में देरी का संकेत राज्य निर्वाचन आयोग के एक पत्र से मिल रहा है।राज्य निर्वाचन आयोग के 17 अप्रैल 2026 को जारी इस पत्र के अनुसार 21 अप्रैल से मतदाताओं के डुप्लीकेशन और कम्प्यूटीकरण संबंधित कार्यवाही की जाएगी,यह कार्यवाही 28 मई 2026 तक चलेगी। राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र के मुताबिक राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र के मुताबिक 28 मई के बाद कम्प्यूटरीकरण के उपरान्त मतदान केन्द्र/स्थलों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डो की मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, SVN आवंटन, मतदाता सूची की डाउनलोडिंग, फोटो प्रतियां कराने आदि का काम 29 मई से 9 जून 2026 तक होगा।वहीं निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 10 जून को होगा।ऐसे में जब फाइनल वोटर लिस्ट ही 10 जून को आएगी और अभी पिछडा़ वर्ग आयोग का गठन बाकी ही है तो चुनाव समय पर नहीं ही होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र में और क्या है राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जाएगी।पत्र में कहा गया है कि निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश दिवसों में सम्बन्धित कार्यालय खुले रहेंगे तथा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार निर्वाचक नामावली का कार्य पूर्ण कराया जाएगा। बताते चलें कि इससे पहले योगी सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी यह संकेत दे चुके हैं कि चुनाव समय पर नहीं होंगे हालांकि उन्होंने इसके लिए समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों को जिम्मेवार ठहराया था। उधर पंचायत चुनाव को लेकर कुछ याचिकाएं इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी दाखिल हैं।

