शिक्षामित्र से बने सहायक अध्यापक को पेंशन पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को निर्णय लेने का निर्देश

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव को पुरानी पेंशन का विकल्प भरने वाले शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने याचियों की पेंशन मामले में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अनूप कुमार सिंह व अन्य की याचिका सुनवाई करते हुए दिया है।
कहा गया कि सरकार के 28 जून 2024 एवं 30 जुलाई 2025 के शासनादेशों के तहत पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र दिया गया है और याचियों का दावा संबंधित अधिकारियों के समक्ष लंबित है लेकिन उस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
कोर्ट ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को याचियों के दावे पर नियमानुसार विचार कर उन्हें सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए दो माह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया।
गौरतलब है कि वर्ष 2005 तक चयनित ऐसे शिक्षा मित्र जो बाद की सीधी भर्तियों में अध्यापक बन गए हैं, उन्होंने पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र भरा है जिस पर शासन को निर्णय लेना है। जिसमें नियुक्ति तिथि को लेकर पेंच है।

