नवाबगंज पुलिस पर गंभीर आरोप, विवेचना के नाम पर रिश्वत मांगने और मारपीट का पीड़ित भाइयों ने लगाया आरोप

प्रयागराज। नवाबगंज थाना क्षेत्र की लालगोपालगंज पुलिस पर एक मुकदमे की विवेचना के दौरान रिश्वत मांगने, मारपीट करने और अभद्र भाषा के प्रयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
यह आरोप लालगोपालगंज निवासी दो सगे भाइयों—सरफराज और सरवर—ने लगाए हैं, जिन्होंने इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में अपनी आपबीती रखी।
पीड़ित भाइयों के अनुसार, लालगोपालगंज बाजार में उनका मोटर गैरेज है, जहां वे कार रिपेयरिंग का कार्य करते हैं। एक नाली विवाद को लेकर उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ था, जिसकी विवेचना लालगोपालगंज पुलिस द्वारा की जा रही थी। आरोप है कि विवेचना के दौरान पुलिस ने उनसे 50 हजार रुपये की मांग की। रकम देने में असमर्थता जताने पर पुलिसकर्मी उनके गैरेज पहुंचे और दोनों भाइयों को वहां से पकड़कर ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई और गाली-गलौज भी की गई। पीड़ितों का कहना है कि मारपीट में सरफराज का हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि सरवर बेहोश हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 151 के तहत चालान किया और मेडिकल परीक्षण कराया गया। प्रारंभिक इलाज के बाद चिकित्सक ने उन्हें बेली अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार हुआ।
घटना की जानकारी मिलने पर एसीपी सोरांव भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। सरफराज और सरवर का कहना है कि रिश्वत न देने के कारण ही उनके साथ यह कथित व्यवहार किया गया।
पीड़ित भाइयों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों के सामने बयान दर्ज कराने के बाद उन्हें निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, लेकिन अब तक संबंधित पुलिस कर्मियों पर कोई कार्रवाई हुई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच न्याय की मांग की है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि आरोप लगाने वालों पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज है।

