हाईकोर्ट ने जिला पूर्ति अधिकारी के तबादले पर लगाई रोक

मुरादाबाद से श्रावस्ती ट्रांसफर का मामला, कोर्ट के पिछले आदेश के ठीक एक दिन पहले जारी हुआ था आदेश
प्रयागराज।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुरादाबाद के जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) बृजेश कुमार शुक्ला के श्रावस्ती तबादला आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने मामले को विचारणीय पाते हुए राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद एक सप्ताह में याची को प्रत्युत्तर शपथ पत्र देने की छूट दी गई है। मामले की सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता दुर्गा शंकर शुक्ल ने अदालत को बताया कि 15 जून 2026 को जारी आदेश के तहत याची का स्थानांतरण हमीरपुर से मुरादाबाद किया गया था। इसके अनुपालन में याची ने 30 जून 2026 को मुरादाबाद में कार्यभार ग्रहण कर लिया था, लेकिन जिलाधिकारी मुरादाबाद द्वारा उनकी जॉइनिंग रिपोर्ट पर प्रतिहस्ताक्षर नहीं किए गए। अधिवक्ता दुर्गा शंकर शुक्ल ने दलील दी कि इसके खिलाफ पूर्व में दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2026 को अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे स्पष्ट करें कि जिलाधिकारी जॉइनिंग पर हस्ताक्षर क्यों नहीं कर रहे हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की गई थी। आरोप है कि कोर्ट के उक्त आदेश से बचने तथा याचिका को निष्प्रभावी करने की मंशा से नियत तिथि से ठीक एक दिन पहले 12 जुलाई को आनन-फानन में याची को मुरादाबाद से श्रावस्ती स्थानांतरित करने का आदेश जारी कर दिया गया। वहीं, निजी प्रतिवादी के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल भूषण एवं अधिवक्ता अभिषेक भूषण ने पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी ने 12 जुलाई के आदेश के तहत मुरादाबाद में पदभार ग्रहण कर लिया है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 12 जुलाई 2026 के स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामलेको चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।

