May 15, 2026

तूफानी हवाओं में उड़ी एनटीपीसी की राख, कई गांवों में ‘सफेद कहर’ से हाहाकार

0

तूफानी हवाओं में उड़ी एनटीपीसी की राख, कई गांवों में ‘सफेद कहर’ से हाहाकार ।।

रिपोर्ट मनोज सिंह राणा

बीजपुर (सोनभद्र)। बुधवार शाम आए तेज तूफान ने एनटीपीसी रिहंद परियोजना के राख बांध (ऐश डाइक) से उड़कर निकली कई टन राख को आसपास के गांवों तक पहुंचा दिया, जिससे डोडहर, नेमना, नकटू, सिरसोती, बीजपुर समेत कई गांवों में अफरा-तफरी और भारी परेशानी का माहौल बन गया। सुबह जब लोग घरों की सफाई में जुटे, तब राख की मोटी परत का वास्तविक असर सामने आया।
ग्रामीणों के अनुसार घरों के भीतर झाड़ू-पोछा करने पर तीन से चार किलो तक राख निकली। खाने-पीने की सामग्री, कपड़े, बिस्तर और घरेलू सामान राख से खराब हो गए। कई घरों की छतों पर राख के ढेर जमा दिखाई दिए। घंटों तक चली सफाई के दौरान लोग पसीने से लथपथ नजर आए और उनके चेहरे पर एनटीपीसी प्रबंधन की कथित लापरवाही को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दी।
तूफान का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर पेड़ और 33 केवीए बिजली पोल गिर जाने से बीजपुर, नधिरा, बभनी और कुंडाडीह उपकेंद्रों से जुड़े लगभग 100 गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। कई क्षेत्रों में एक से दो दिन तक अंधेरा पसरा रहा। बिजली संकट के कारण पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि गर्मी के मौसम में राख उड़ने की समस्या हर वर्ष बढ़ जाती है, लेकिन एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा राख बांध पर पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं कराया जाता। डोडहर व सिरसोती गांव के कई ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी शुरू होने से पहले राख पर मिट्टी डालकर उसे ढंकना चाहिए, ताकि उड़ने वाली राख पर नियंत्रण किया जा सके। उनका आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही के चलते क्षेत्र के लोग केमिकल युक्त राख से होने वाले प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे झेलने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से मामले की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से लोगों को राहत मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चर्चित खबरे