April 30, 2026

श्री जंगी राम इंटर कॉलेज पर संकट के बादल, वन विभाग की जमीन पर कब्जे और मान्यता में धांधली का आरोप

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श्री जंगी राम इंटर कॉलेज पर संकट के बादल, वन विभाग की जमीन पर कब्जे और मान्यता में धांधली का आरोप


प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज के यमुनानगर (बारा) क्षेत्र स्थित श्री जंगी राम इंटर कॉलेज इन दिनों गंभीर विवादों और प्रशासनिक जांच के घेरे में है। विद्यालय पर सरकारी जमीन कब्जाने और मान्यता के नियमों के उल्लंघन जैसे संगीन आरोप लगे हैं, जिसकी जांच के लिए प्रशासनिक अमला जमीन पर उतर आया है।

श्री जंगी राम इंटर कॉलेज पर संकट के बादल, वन विभाग की जमीन पर कब्जे और मान्यता में धांधली का आरोप

*क्या है पूरा मामला?*

शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, लोहगरा में स्थित यह इंटर कॉलेज वन विभाग की आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित किया गया है। इसके अलावा, विद्यालय की मान्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मान्यता प्राप्त करते समय कागजों में 16 कमरों का संचालन दिखाया गया था, लेकिन धरातल पर कमरों की संख्या इससे कहीं कम है।

*प्रशासनिक अमले ने की छापेमारी और जांच*

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बारा के उपजिलाधिकारी (SDM) गणेश कनौजिया और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पी एन सिंह ने संयुक्त रूप से विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विद्यालय परिसर में जाकर कमरों की गिनती की और भौतिक ढांचे का जायजा लिया। विद्यालय की मान्यता संबंधी फाइल और राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) का मिलान किया गया ताकि जमीन के वास्तविक मालिकाना हक की पुष्टि हो सके।

*प्रबंधक ने आरोपों को बताया निराधार*

वहीं दूसरी ओर, विद्यालय के प्रबंधक भोलानाथ दुबे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने मीडिया और अधिकारियों के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि: “विद्यालय पूरी तरह से हमारी अपनी आरजी (राजस्व) संख्या की निजी जमीन पर बना है। वन विभाग की जमीन से इसका कोई लेना-देना नहीं है। हमारे खिलाफ की गई शिकायत द्वेषपूर्ण और निराधार है।”

*जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई*

निरीक्षण के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्थलीय निरीक्षण और कागजी दस्तावेजों में कोई भिन्नता पाई जाती है या मान्यता की शर्तों का उल्लंघन मिलता है, तो विद्यालय के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन की रिपोर्ट का इंतजार है। यह जांच तय करेगी कि विद्यालय का भविष्य क्या होगा और क्या छात्रों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ेगा। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो विद्यालय की मान्यता रद्द होने के साथ-साथ बेदखली की कार्रवाई भी संभव है।

 

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