February 1, 2026

हिमाचल बजट: “यह विश्वासघात है” — 50,000 करोड़ के नुकसान पर केंद्र और भाजपा सांसदों पर बरसे सुरजीत भरमौरी

0

हिमाचल बजट: “यह विश्वासघात है” — 50,000 करोड़ के नुकसान पर केंद्र और भाजपा सांसदों पर बरसे सुरजीत भरमौरी


रिपोर्ट : अशोक कुमार ब्यूरो चम्बा

चंबा/शिमला: 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों और केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) से बाहर किए जाने पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी ने इसे हिमाचल प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा “आर्थिक अन्याय” और “विश्वासघात” करार दिया है।सुरजीत भरमौरी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले ने पहाड़ के लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और यह बजट विकास का नहीं, बल्कि हिमाचल के लिए विनाश का दस्तावेज है।हर साल 10,000 करोड़ का झटकाआंकड़ों का हवाला देते हुए जिलाध्यक्ष ने बताया कि वित्त आयोग के इस नकारात्मक फैसले से हिमाचल प्रदेश को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी प्रदेश को हर साल लगभग 10,000 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान होगा।वर्ष 2026 से 2031 के बीच मिलने वाली करीब 50,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता अब नहीं मिलेगी।इस कटौती से प्रदेश के विकास कार्यों और आर्थिक स्थिरता पर गहरा असर पड़ेगा।
“7 सांसदों ने दिल्ली में क्या किया?” सुरजीत शर्मा ने हिमाचल से चुने गए भाजपा सांसदों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर 7 सांसदों का पूर्ण जनादेश दिया था, ताकि वे दिल्ली में हिमाचल की आवाज बनें।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा:”
जनता ने वोट दिया, लेकिन बदले में क्या मिला?
न हक की आवाज उठी,
न आर्थिक सुरक्षा मिली और न ही प्रदेश के हितों की रक्षा हुई। भाजपा सांसद दिल्ली में हिमाचल की पैरवी करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
“”इतिहास में ‘काला दिवस’ के रूप में याद रखा जाएगा”कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सुरजीत भरमौरी ने कहा कि यह फैसला दर्शाता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में हिमाचल प्रदेश कहीं नहीं है। उन्होंने इस बजट सत्र और वित्त आयोग के फैसले को हिमाचल के लिए “काला दिवस” की संज्ञा दी है।चेतावनी: जिलाध्यक्ष सुरजीत भरमौरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि हिमाचल का स्वाभिमानी अवाम इस अन्याय को न तो भूलेगा और न ही चुप बैठेगा। प्रदेश के हक और अस्तित्व को बचाने के लिए अब हर स्तर पर आवाज बुलंद की जाएगी और केंद्र की इस अनदेखी का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चर्चित खबरे