चंबा: टीबी मुक्त भारत अभियान में लक्ष्य से अधिक उपलब्धि, सफलता दर 95% पहुंची

रिपोर्ट – अशोक कुमार, ब्यूरो चंबा
चंबा जिले ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने तपेदिक उन्मूलन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से रिपोर्ट प्रस्तुत की।प्रमुख उपलब्धियां और आंकड़े:
अधिसूचना (Notification): वर्ष 2025 के लिए निर्धारित 970 मामलों के लक्ष्य के मुकाबले जिले ने 981 टीबी मामलों की अधिसूचना दर्ज की है, जो कि 101 प्रतिशत की शानदार उपलब्धि है।
उपचार सफलता दर:
जिले में वर्तमान उपचार समूह के तहत सफलता दर 95 प्रतिशत दर्ज की गई है।
व्यापक जांच अभियान:
टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान के लिए 23,915 के लक्ष्य के विरुद्ध 26,895 संभावित जांचें की गई।
स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान:
उपायुक्त ने बताया कि केवल उपचार ही नहीं, बल्कि रोगियों के पोषण और अन्य स्वास्थ्य जांचों पर भी बल दिया जा रहा है।
सह-रोग जांच (Co-morbidity Testing): जिले के 1202 टीबी रोगियों में से 1171 की एचआईवी स्थिति की जांच पूरी की जा चुकी है। इसके साथ ही मधुमेह (Diabetes) की जांच को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
निक्षय मित्र पहल:
वर्तमान में उपचाराधीन 646 रोगियों में से 514 रोगियों को समुदाय और निक्षय मित्रों के माध्यम से अतिरिक्त पोषण सहायता प्रदान की जा रही है।
तंबाकू नियंत्रण:
रोगियों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें परामर्श सेवाओं के साथ टोल-फ्री नंबर 1800-11-2356 से जोड़ा गया है।
प्रशासन का रुख:
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जन सहभागिता और बेहतर स्क्रीनिंग के कारण चंबा जिला टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने आश्वस्त किया कि विभाग वर्ष 2025 के लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

