कार खरीद में उत्तर प्रदेश बना देश का नंबर वन, पांच महीने में बिकीं 3.13 लाख कारें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने कार बिक्री के मामले में देशभर में पहला स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जनवरी 2026 से मई 2026 के बीच प्रदेश में 3.13 लाख कारों का पंजीकरण दर्ज किया गया, जो देश के किसी भी राज्य में सबसे अधिक है।
इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने पारंपरिक ऑटोमोबाइल बाजार माने जाने वाले महाराष्ट्र और गुजरात को भी पीछे छोड़ दिया है। इसी अवधि में महाराष्ट्र में 2.89 लाख तथा गुजरात में 1.92 लाख कारों का पंजीकरण हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क, बेहतर सड़क संपर्क, शहरीकरण और बढ़ती क्रय क्षमता ने वाहन बाजार को नई गति दी है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे समेत अन्य आधारभूत परियोजनाओं ने लोगों की आवाजाही को आसान बनाया है, जिससे निजी वाहनों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी, तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग और छोटे शहरों में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार ने भी कारों की बिक्री को बढ़ावा दिया है।
कार बिक्री के ताजा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि उत्तर प्रदेश अब केवल आबादी के लिहाज से ही नहीं, बल्कि ऑटोमोबाइल बाजार के लिहाज से भी देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता केंद्र बनकर उभर रहा है।

