नैनी-मानिकपुर रूट के शंकरगढ़ – मझियारी – बरगढ़ रेल खंड पर ‘ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग’ का सफल शुभारंभ


प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं सतेंद्र कुमार प्रधान मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर, ए. के. राय मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर/प्रोजेक्ट/ समन्वय तथा भोलेंद्र सिंह मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर/ प्रोजेक्ट, प्रयागराज के नेतृत्व में, नैनी-मानिकपुर रूट पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है।
आज दिनांक 12/05/2026 शंकरगढ़ – मझियारी और मझियारी – बरगढ़ रेल खंडों के बीच 16.2 किलोमीटर की दूरी में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया।
यह कार्य पूर्व-नियोजित ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान संपन्न किया गया और कार्य पूरा होने के तुरंत बाद ट्रेन सेवाओं को निर्धारित समय पर बहाल कर दिया गया।
इस आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली की शुरुआत से अब एक ही दिशा में पर्याप्त अंतर रखते हुए एक के बाद एक कई ट्रेनें सुरक्षित रूप से चलाई जा सकेंगी। इससे इस व्यस्त रेल खंड की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
*ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग की प्रमुख विशेषताएं*:
*लाइन क्षमता में वृद्धि*: अब इस खंड पर पहले से अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
*हेडवे में कमी*: ट्रेनों के बीच का अंतराल कम होगा, जिससे सुगम तरीके से चल सकेंगी।
*समयपालन में सुधार*: यातायात के बेहतर नियमन से ट्रेनों की लेट-लतीफी में कमी आएगी।
*उच्चतम संरक्षा*: ऑटोमैटिक ट्रेन सेपरेशन तकनीक से मानवीय त्रुटि की संभावना कम होगी और संरक्षा बढ़ेगी।
*भीड़भाड़ का प्रबंधन*: पीक-ऑवर के दौरान ट्रैफिक का कुशलतापूर्वक संचालन संभव होगा।
*डिटेंशन में कमी*: ट्रेनों को बाहरी स्टेशनों पर रोके जाने (डिटेंशन) की समस्या न्यूनतम होगी।
उत्तर मध्य रेलवे निरंतर नैनी-मानिकपुर जैसे व्यस्त कॉरिडोर पर बढ़ते यातायात की जरूरतों को पूरा करने के लिए सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस परियोजना की सफलता सिग्नल, ऑपरेटिंग, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल टीमों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

