हिमाचल के पहाड़ों से निकला ‘CISF’ का नया प्रहरी: साहलुई के अक्षय कुमार का CISF में हुआ चयन

रिपोर्ट अशोक कुमार, ब्यूरो चम्बा
चंबा/बकानी: देवभूमि हिमाचल की मिट्टी ने एक बार फिर देश की सुरक्षा के लिए अपना एक जांबाज सपूत समर्पित किया है। चंबा जिला के विधानसभा क्षेत्र भरमौर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बकानी (विकास खंड मैहला) के एक छोटे से गाँव साहलुई में आज उत्सव का माहौल है। गाँव के होनहार युवक अक्षय कुमार पुत्र श्री उत्तम चंद ने अपनी कड़ी तपस्या और अटूट संकल्प के दम पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में चयनित होकर समूचे क्षेत्र का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है।
पसीने से सींचा गया सफलता का मार्ग
अक्षय की यह उपलब्धि केवल एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि उन दुर्गम रास्तों और अभावों पर जीत है जिनसे जूझकर यहाँ के युवा बड़े होते हैं। अपनी सफलता पर भावुक होते हुए अक्षय कुमार ने बताया कि वर्दी पहनकर देश की सेवा करना उनका बचपन का जुनून था। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का संपूर्ण श्रेय अपनी दादी माँ, माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद एवं निरंतर मार्गदर्शन को दिया है।
“रास्ते कठिन थे, पर परिवार का हौसला उनसे भी बड़ा था। मेरी सफलता मेरे माता-पिता के त्याग और गुरुओं की शिक्षा का प्रतिफल है।” — अक्षय कुमार, नवनियुक्त जवान (CISF)
क्षेत्र में जश्न: ‘साहलुई का लाल’ बना युवाओं की प्रेरणा
अक्षय के चयन की आधिकारिक पुष्टि होते ही साहलुई गाँव सहित आस-पास के क्षेत्रों में आतिशबाजी और मिठाइयों का दौर शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक छोटे से गाँव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की सेवा में जाना पूरे चंबा जिला के लिए गौरव का विषय है।
मुख्य आकर्षण:
पारिवारिक पृष्ठभूमि: साधारण परिवार से निकलकर असाधारण लक्ष्य की प्राप्ति।
प्रेरणा पुंज: अक्षय अब चंबा और भरमौर के हज़ारों युवाओं के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बन चुके हैं।
संकल्प: संसाधनों की कमी को मेहनत से मात देकर हासिल किया मुकाम।
उज्ज्वल भविष्य की कामना
क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों और समाजसेवियों ने अक्षय को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता अन्य युवाओं में भी देश सेवा का जज्बा पैदा करेगी। अक्षय कुमार की यह कहानी साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो सफलता कदम चूमती ही है।

