ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत नाबालिग बच्ची को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया
ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत नाबालिग बच्ची को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित, संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चों को सुरक्षित बचाने का एक निरंतर और संवेदनशील अभियान है। यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि उन अनगिनत बच्चों के लिए जीवनरेखा है, जो किसी कारणवश अपने घरों से दूर भटक जाते हैं। इस पहल के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे बाल श्रम, बाल तस्करी तथा लापता बच्चों से संबंधित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में रेलवे सुरक्षा बल टीम द्वारा ऑपरेशन ‘नन्हें फरिश्ते’ के अंतर्गत 334 लड़कों, 153 लड़कियों सहित कुल 487 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इसी क्रम में दिनांक 27.01.2026 को प्रयागराज जंक्शन पर एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया।
माघ मेला बंदोबस्त के दौरान प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या–01 पर बीट इंचार्ज उपनिरीक्षक श्री डब्लू. कुमार (08 बटालियन/डी कंपनी) को लगभग 12:35 बजे स्कूल ड्रेस पहने एक नाबालिग बच्ची अकेली एवं रोती हुई अवस्था में मिली। सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ करने पर बच्ची ने अपना नाम निवासी थाना कोखराज, जिला कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश) बताया तथा बताया कि वह घर से नाराज होकर अपने माता-पिता को छोड़कर चली आई है।
नाबालिग बच्ची को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज लाया गया। तत्पश्चात रेलवे सुरक्षा बल/प्रयागराज के उपनिरीक्षक गौरव द्वारा रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज के केस वर्कर को सूचित किया गया। सूचना पर प्रयागराज चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर, रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट प्रयागराज पहुँचे। तत्पश्चात बच्ची को विधिवत अग्रिम आवश्यक कार्यवाही हेतु रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज को सुपुर्द किया गया।
रेलवे प्रशासन यात्रियों एवं आमजन से अपील करता है कि यदि किसी नाबालिग बच्चे को अकेले, असहाय या संदिग्ध अवस्था में देखें तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दें, जिससे समय रहते उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

