लालगोपालगंज: गो-तस्करों के सिंडिकेट पर पुलिस का शिकंजा, बचाव में ‘फर्जी मेडिकल’ और ‘झूठे आरोपों’ का खेल शुरू
लालगोपालगंज: गो-तस्करों के सिंडिकेट पर पुलिस का शिकंजा, बचाव में ‘फर्जी मेडिकल’ और ‘झूठे आरोपों’ का खेल शुरू
प्रयागराज/लालगोपालगंज: लालगोपालगंज क्षेत्र में गोवध और गो-तस्करी के विरुद्ध पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। कानून के फंदे से बचने के लिए अब अभियुक्तों और उनके संरक्षकों ने एक नई साजिश रची है, जिसके तहत पुलिस पर दबाव बनाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं और फर्जी मेडिकल रिपोर्ट का सहारा लिया जा रहा है।
*साजिश का मुख्य केंद्र: फर्जी मेडिकल रिपोर्ट*
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए या वांछित अभियुक्तों को पुलिस हिरासत से बचाने के लिए गंभीर बीमारी का ढोंग रचा जा रहा है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिशें की जा रही हैं, ताकि न्यायालय में बीमारी का हवाला देकर जमानत हासिल की जा सके या जेल जाने से बचा जा सके।
पुलिस की छवि बिगाड़ने का प्रयास
जब कानून का शिकंजा कसने लगा, तो अभियुक्तों के समर्थकों ने पुलिस टीम पर ही भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के झूठे आरोप मढ़ना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की जा रही है कि पुलिस निर्दोषों को फँसा रही है, जबकि हकीकत में कार्रवाई साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर आधारित है।

